Independence Day 2022: 15 अगस्त को देश आजाद हुआ था। ऐसे में 1947 के बाद से हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को राष्ट्रीय पर्व घोषित किया गया है। सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और निजी ऑफिसों में 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया जाता है। देशभर के स्कूलों का नजारा भी बहुत शानदार रहता है। स्कूलों में देशभक्ति से जुड़े कई रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति होती है, जिसमें छात्र छात्राएं बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। महीनों पहले से स्कूल में होने वाले स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों की तैयारी शुरू हो जाती है। बच्चों को उनकी प्रस्तुति के लिए स्कूल के शिक्षकों से लेकर घर पर माता पिता तैयारी कराते हैं। हालांकि कई बच्चे अपनी परफाॅर्मेंस की तैयारी के बाद भी मौके पर नर्वस हो जाते हैं और डर की वजह से अपनी प्रस्तुति भूल जाते हैं। ऐसे में अगर इस स्वतंत्रता दिवस पर आपका बच्चा स्कूल कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहा है और स्पीच, नाटक, गीत या डांस परफाॅर्म करने वाला है लेकिन उसके अंदर आत्मविश्वास की कमी है, तो कुछ तरीकों से उसे परफाॅर्म्स के लिए तैयार करें। ये रहे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीके, ताकि स्कूल कार्यक्रम में बिना डरे प्रस्तुति दे सकें।
Independence Day: 15 अगस्त को स्कूल कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहा बच्चा, तो इन तरीकों से बढ़ाएं आत्मविश्वास
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बच्चे की प्रशंसा करें
बच्चे में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी है, उनकी समय समय पर तारीफ करना। बच्चा प्रयास कर रहा है तो तारीफ करके उसको प्रोत्साहित करें। तारीफ के लिए बच्चे कुछ नया और अच्छा करने का प्रयास करते हैं। किसी कार्य में असफल होने पर उनकी गलतियां निकालने और डांट फटकार के बजाए तारीफ करने पर उनका मनोबल बढ़ता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा तारीफ उनके अंदर अति आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है, जो कि गलत है।
बच्चे पर न बनाएं दबाव
बच्चा कार्यक्रम के लिए तैयारी कर रहा है तो उस पर अपनी महत्वाकांक्षाओं का बोझ न डालें। उन्हें प्रोत्साहित करें, न कि दबाव डालें। अच्छी प्रस्तुति के लिए बच्चे को लगातार अभ्यास कराते रहना, उन्हें बात बात पर यह कहकर डराना कि अगर उसने गलती की तो बेइज्जती हो सकती है, लोग मजाक उड़ा सकते हैं या अन्य बातें कहकर बच्चे को डराएं नहीं। इससे वह दबाव में आ जाते हैं।
अच्छे से कराएं प्रैक्टिस
एक अच्छी प्रस्तुति के लिए आपको बच्चे को अभ्यास के लिए समय देने की जरूरत है। उन्हें प्रैक्टिस कराएं। उनकी परफॉर्मेंस को रिकॉर्ड करके बच्चे को दिखाएं और खुद उनकी कमियों को समझने दें ताकि अगली प्रस्तुति में वह वही गलती न दोहराएं। जब बच्चे ने परफॉर्मेंस की तैयारी अच्छे के की होगी तो वह सबके सामने बेहतर प्रस्तुति दे पाएंगे।
कई बार टीचर या अभिभावक बच्चों से ऐसी प्रस्तुति की उम्मीद करते हैं, जो उनकी क्षमता के बाहर होता है। जैसे अगर आपका बच्चा गाने में अच्छा है लेकिन आप उसे डांस के लिए तैयार कर रहे हैं तो यह उनकी क्षमताओं को सही से प्रस्तुत नहीं कर पाएगा। इसलिए बच्चे की काबिलियत को समझते हुए जिस काम में उनकी रुचि हो, वह कराएं, ताकि बच्चा परफॉर्मेंस को एंजॉय कर सके।