Dussehra 2022: असत्य और अधर्म पर सत्य और धर्म की जीत का खास पर्व विजयादशमी इस साल 5 अक्टूबर 2022 को मनाई जा रही हैं। विजयदशमी यानी दशहरा के दिन भगवान श्रीराम ने लंका के राजा और महान विद्वान रावण का वध किया था। भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाने वाले भगवान श्रीराम को आदर्श पुरुष माना जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम को एक श्रेष्ठ राजा माना जाता है। एक आदर्श बेटे, शिष्य, भाई, पति, राजा के तौर पर युगों युगों तक उनका नाम स्मरणीय है। पूरा जीवन श्रीराम सत्य, धर्म, दया और मर्यादा के पथ पर चले। इसी कारण उन्हें राज को 'राम राज' कहा गया। राम महज एक नाम नहीं, बल्कि आदर्श पुरुष का तमगा बन गया। इस युग में लोग उम्मीद करते हैं, कि 'बेटा हो तो राम जैसा', राजा हो तो राम जैसा', चरित्र हो तो राम जैसा'। ऐसे में अगर आप भी चाहते हैं कि आपका बेटा राम जैसा हो तो बच्चे को प्रभु श्रीराम के इन गुणों के बारे में बताएं।
Dussehra 2022: राम जैसा बेटा चाहिए तो बच्चों को सिखाएं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के ये गुण
श्री राम के गुण
सहनशील और धैर्यवान
भगवान श्रीराम का एक विशेष गुण उनकी सहनशीलता और धैर्य है। चाहे माता कैकेयी के कहने पर 14 वर्ष का वनवास हो, या माता सीता को त्यागने के बाद राजा होते हुए भी संन्यासी की तरह जीवन बिताना हो, श्रीराम ने सदैव सहनशीलता और धैर्य के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।
दयालु
प्रभु राम बहुत दयालु थे। उनकी सेना में मानव के अलावा पशु और दानव सभी थे। उन्होंने सुग्रीव को राजा बनाया। हनुमान, जामवंत और नल-नील को अपनी सेना का नेतृत्व करने का अधिकार दिया। बिना जाति, वर्ग का भेद किया दोस्ती का रिश्ता निभाया। शबरी के जूठे बेर मुस्कुराते हुए खाए। यह श्रीराम के दयालु आचरण का ही उदाहरण है।
श्री राम एक आदर्श राजा होने के साथ ही कुशल प्रबंधक भी थे। उन्होंने लंका जाने के लिए अपनी सेना के साथ मिलकर पत्थर का सेतु बनाया था। उसके लिए बेहतर प्रबंधन किया। उनकी सेना में पशु और मनुष्य दोनों शामिल थे। उनके बीच का प्रबंधन, अपने राज को राम राज बनाने के लिए किया गया बेहतर प्रबंधन उन की कुशलता को दर्शाता है।
आदर्श बेटा और भाई
आज के युग में लोग राम जैसा बेटा और भाई चाहते हैं। राम ने अपनी सौतेली मां के कहने पर राजा का पद त्याग दिया। अपना घर, एक आरामदायक जीवन छोड़कर 14 वर्ष का वनवास ले लिया। उनके तीन छोटे भाई थे. जो माता कैकेयी और मां सुमित्रा के पुत्र थे। लेकिन श्रीराम ने भगत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न को सगे भाई से बढ़कर प्यार दिया।