अब प्यार करने के लिए आपको रविवार का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।इस देश में मोहब्बत के दीवानों को मिल रही हैं स्पेशल छुट्टियां।सुनकर हैरानी के साथ चेहरे पर खुशी भी जरूर झलक गई होगी।आपको बता दें, ये खास सुविधा चीन में दी जा रही है और इसके पीछे छिपा है एक खास मकसद।दरअसल चीन में लाखों लोग अपने दफ़्तरों से छुट्टियां लेकर परिवार से मिलने की तैयारियां कर रहे हैं।लेकिन इन लोगों में कुछ ऐसे खुशकिस्मत भी हैं जिन्हें उनका दफ़्तर अलग से आठ दिन की छुट्टी दे रहा है।
इस देश में मोहब्बत के लिए भी मिलती है खास छुट्टियां, चाहिए तो पूरी करें ये अनोखी शर्त
अकेली महिलाएं
ऑफिस से छुट्टी लेने की सुविधा का मजा आपको तभी मिलेगा जब आप एक खास शर्त पूरी करेंगे।शर्त में कहा गया है है कि जो भी यह छुट्टी लेना चाहता है उसमें शामिल कर्मचारी सिंगल महिला होनी चाहिए जिसकी उम्र 30 के आसपास हो।इन महिलाओं को ये आठ दिनों की छुट्टियां इसलिए दी जा रही हैं ताकि ये सिंगल महिलाएं अपने प्यार को जल्द तलाश सकें।
कुंवारी महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल
चीन में वो कुंवारी महिलाएं जिनकी उम्र 30 साल के आस-पास होती है।उनके लिए एक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।यह शब्द होता है 'शेंग नु'. इसका मतलब है 'छूट चुकी महिलाएं'।साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार पूर्वी चीन के हांगझाओ में दो कंपनियां अपनी महिला कर्मचारियों को 'डेटिंग लीव' दे रही हैं।इसके अलावा इसी शहर के स्कूल में काम करने वाली अविवाहित महिला अध्यापिकाओं को भी इसी तरह की छुट्टियां दी जा रही हैं, यहां इन छुट्टियों को 'लव-लीव' कहा जा रहा है।
शादी का दबाव
चीन में लड़कियों के अकेले रहने का चलन तेजी से बढ़ रहा है।यहां लोग करियर में सफलता पाने के लिए शादी करने से कतरा रहे हैं।यहां लोगों को शादी किसी बंधन से कम नहीं लगता है।बावजूद इसके महिलाओं पर शादी का दबाव लगातार बना हुआ है।चीन की घटती जनसंख्या दर भी इस दबाव की एक बड़ी वजह बन रही है।वहां की सरकार चाहती है कि लोग शादियां करें और बच्चें पैदा करें।
लेखिका लेटा होंग फिंचर ने महिलाओं पर आधारित दो किताबें लिखी हैं।एक का नाम है 'लेफ़्टओवर वुमेन' और दूसरी किताब है 'बिट्रेयिंग बिग ब्रदरः द फेमिनिस्ट अवेकनिंग इन चाइना'।उनका मानना है कि ऑफिस में लड़कियों को इस तरह की छुट्टियां देने के पीछे का मकसद उन्हें शादी के बंधन में बांधना है।उनका कहना है कि चीन की सरकार 20 या 30 साल की उम्र की महिलाओं को इस तरह की छुट्टियां देकर उन्हें एक तरह से बांधने की कोशिश करना चाहती है।उनका कहना है कि छुट्टियों के जरिए सरकार कोशिश कर रही हैं कि पढ़ी लिखी महिलाओं की शादी करवाकर उनसे बच्चे पैदा करवाकर उन्हें घर में ही रोका जा सके।''