यशस्वी यादव
खुद से प्यार करना, अपने करियर को तरजीह देना और रिश्तों में बोझ महसूस न करना, यानी अपनी पसंद से ही फैसले लेना ‘डिंक कपल्स ट्रेंड’ है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि हमारे समाज में शादी करने और बच्चे पैदा करने की एक उम्र निर्धारित की गई है, जिसके बाद परिवार आप पर जोर डालने लगता है। लेकिन इसी बीच ‘डुअल इनकम नो किड्स’ का ट्रेंड भी नए कपल्स के बीच तेजी से फैल रहा है। दरअसल, यह टर्म उन जोड़ों के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है, जो शादी तो कर चुके हैं, लेकिन फैमिली प्लानिंग में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहते। ऐसे युगल खुद को प्राथमिकता देना जरूरी समझते हैं और एक साथ ऐसे काम करते हैं, जिनसे उन्हें खुशी मिलती है।
क्यों हो रहे आकर्षित
इस ट्रेंड से कपल्स को अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारने के साथ ही अपने-अपने पारिवारिक लक्ष्यों को पूरा करने की स्वतंत्रता भी मिलती है। आमतौर पर शादीशुदा जोड़े लगभग 30 प्रतिशत हर माह बचत करने में सक्षम होते हैं। जिन दंपतियों के बच्चे नहीं हैं, उनमें खर्च से कहीं अधिक बचत करने की क्षमता होती है और ज्यादातर युगल अपनी आय का लगभग 15 फीसदी बचा लेते हैं। इस ट्रेंड को कई जोड़े इसलिए भी अपना रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि खर्च करने से पहले आपको बचत करने की जरूरत है।
एक-दूसरे का साथ
यह विशेष रूप से उन कपल्स के लिए है, जो एक-दूसरे के समर्थन से अपने सपनों और लक्ष्यों को पूरा करना चाहते हैं। इतना ही नहीं, इससे खुद को और एक-दूसरे को पहचानने तथा समझने के लिए समय भी मिल जाता है, जिससे आपके रिश्ते को मजबूती मिलती है।
लक्ष्यों की प्राप्ति
जब कपल्स का पूरा फोकस अपने करियर पर होता है तो उन्हें व्यक्तिगत उन्नति के साथ वित्तीय रूप से स्वतंत्र होने का समय मिल जाता है। साथ ही उन्हें लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद भी मिलती है और वे सकारात्मक ऊर्जा महसूस करते हैं। ऐसे कपल्स बच्चे के पालन-पोषण की जिम्मेदारी एक सही योजना के तहत लेते हैं।
जीवन-शैली में सुधार
एक सही योजना और संतुलन के साथ डिंक कपल्स अपने करियर और निजी जीवन को सही तरह से मैनेज कर सकते हैं, ताकि उन्हें बेहतर संतुलन मिले। शादी के तुरंत बाद बच्चे की टेंशन न होने की वजह से ऐसे कपल्स एक-दूसरे की जरूरतों को समझ पाते हैं, जिससे उनकी जीवन-शैली में सुधार होता है।