Navratri Day 7 Wishes : 30 मार्च 2025 से शुरु हुआ नवरात्रि का पावन पर्व अब समापन के करीब है। 4 अप्रैल को सप्तमी तिथि है। इस दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती हैं। मान्यता है कि मां दुर्गा ने दानवों का संहार करने के लिए माता कालरात्रि का रूप धरा था। माता का यह स्वरूप साहस, शक्ति का प्रतीक है और भय से रक्षा करता है। कहते हैं जो माता कालरात्रि की पूजा सच्चे मन से करता है, उसके सभी दुखों का नाश हो जाता है। उनकी पूजा-आराधना से भय और रोग का नाश होता है। साथ ही भूत प्रेत, अकाल मृत्यु, रोग, शोक आदि सभी प्रकार की परेशानियां भी समाप्त हो जाती हैं।
Navratri Day 7 Wishes: सप्तमी पर करें मां कालरात्रि की पूजा, इन संदेशों के जरिए दें नवरात्रि की शुभकामनाएं
मां कालरात्रि को शुभंकरी भी कहा जाता है, क्योंकि वह अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करती हैं। चैत्र नवरात्रि की सप्तमी तिथि को अपने स्वजनों को कुछ शुभ संदेश और माता के मंत्र भेजकर मां कालरात्रि के जयकारे लगा सकते हैं।
मां कालरात्रि बीज मंत्र
क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता,
लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा,
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
मां कालरात्रि का स्वरूप
नवरात्रि में नवदुर्गा का सातवा रूप मां कालरात्रि को समर्पित है। मां कालरात्रि तीन नेत्रों वाली देवी हैं। माता ने राक्षस रक्तबीज का वध किया था। मां कालरात्रि का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। मां कालरात्रि का वाहन गर्दभ है।
Temples in Bihar: ये हैं बिहार के प्रसिद्ध देवी मंदिर, नवरात्रि में करें दर्शन और पूजन
Navratri Day 7 Bhog: माता कालरात्रि को करना है प्रसन्न तो लगाएं गुड़ के बने इन पकवानों का भोग