बच्चों के मन की सारी बातें पूरी करना कई बार बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बच्चे गुस्से में यहां तक कह डालते हैं कि आप अच्छे पेरेंट नहीं है। बच्चों के ये शब्द कई बार अभिभावकों का दिल भी दुखा देते हैं और अभिभावक सोचते हैं कि हम तो बच्चों के लिए इतना कर रहे हैं और ये समझ नहीं रहे हैं।दरअसल, अभिभावक बनना तो आसान है लेकिन इस जिम्मेदारी को निभाना काफी कठीन है। ऊपर से जब आपकी पूरी लाइफस्टाइल ही भागदौड़ भरी हो और आपके पास बच्चों के लिए वक्त कम रहता हो, ऐसे में बच्चों की नजर में अच्छा अभिभावक बनने के लिए आपको बहुत कुछ करना पड़ता है। आपको अपने बच्चों के लिए व्यस्त पलों में भी क्वालिटी वक्त नहीं निकालना होता है जो कि बेहद जरूरी भी है।
क्या बच्चों की नजर में आप अच्छे अभिभावक हैं?
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दरअसल, अगर आप अपने बच्चों के लिए क्वालिटी टाइम नहीं निकालेंगे तो इससे उनकी परवरिश पर असर पड़ेगा। बच्चे आपसे दूर होते जाएंगे और इसका उनके जेहन पर भी नकारात्मक मानसिक असर पड़ेगा। यह स्थिति तब और ज्यादा मुश्किल हो जाती है जब घर में मां-बाप दोनों ही वर्किंग हों। ऐसे में बच्चों की कई ख्वाहिशें कई बार पूरी नहीं हो पाती हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि आप घर और ऑफिस के बीच सामंजस्य स्थापित करके बच्चों को खुश नहीं रख सकते। अगर आप पेरेंटिंग कौशल में माहिर हैं तो आप अपने खुशहाल संसार को और ज्यादा खुशहाल बना सकते हैं।
ऑफिस से घर जाते वक्त आप हमेशा इस बात पर गौर करें कि क्या आप अपने बच्चों के साथ सकारात्मक इंट्रेक्शन रखते हैं? उनसे बातचीत करते वक्त कोई नकारात्मक बात तो नहीं बोलते? अगर आप ऐसा करते हैं तो फौरन इस आदत में सुधार लाएं और बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा इंट्रेक्शन रखें और खूब वक्त बिताएं, इससे आपके और आपके बच्चों के बीच भावनात्मक लगाव बढ़ेगा। बच्चों के साथ वक्त बिताने का सबसे अच्छा तरीका है, उनके साथ जमकर खेल-कूद करना।
इस बात का ध्यान रखें कि हमेशा बच्चों के सभी प्रश्नों का जवाब धैर्यपूर्वक दें। झुंझलाहट न दिखाएं। अपने बच्चों को हर चीज प्यार से समझाएं। इससे आपके और बच्चों के बीच का रिश्ता और मजबूत होगा और आप अच्छे अभिभावक भी कहलाएंगे। हां यहां ध्यान रखें कि बच्चों के सवालों के जवाब ही नहीं दें बल्कि उनके जवाब भी सुने।
बच्चों के साथ क्वालिटी वक्त बिताने के साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आप अपनी किसी भी बुरी आदत को बच्चों के सामने प्रदर्शित न करें। मसलन, कभी भी बच्चों के सामने शराब और सिगरेट न पिएं। बच्चों को अच्छी और बुरी आदतों के बारे में जानकारी दें। इससे आपका संसार और ज्यादा सुखी और खुशहाल होगा। बच्चों की बातों का रिएक्शन अच्छे तरह से दें।