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भाई- बहन अगर साथ हैं तो माता- पिता के झगड़ों का मानसिक स्वास्थ्य पर होगा कम असर
Wed, 31 Jul 2019 08:15 AM IST
मोना नारंग
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: मोना नारंग
Updated Wed, 31 Jul 2019 08:15 AM IST
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- फोटो : pixa
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माता-पिता के झगड़ों का असर अक्सर बच्चों की मानसिक सेहत पर पड़ता है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म जजमेंटल है क्या में भी यहीं दिखाने की कोशिश की गई है कि कैसे हिरोईन के मानसिक स्वास्थ्य पर उसके माता पिता के झगड़ों का बुरा असर पड़ता है। लेकिन एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि ऐसे जोड़े जिनके दो या उससे अधिक बच्चें हैं तो फिर इन जोड़ों के आपसी मनमुटाव का असर बच्चों की मानसिक अवस्था पर कम पड़ता है। आइए जानते हैं शोध के मुताबिक कौन सी परिस्थितियां होती हैं इसके लिए जिम्मेदार...
- फोटो : pixa
चाइल्ड डेवलपेंट की जर्नल में छपे शोध में बताया गया है कि वे बच्चे जिनके अभिभावकों के बीच नहीं बनती या फिर उनके बीच झगड़े होना आम बात होती है, उनके अगर एक से ज्यादा बच्चे होते हैं तो इन बच्चों के बीच की एकता उन्हें इस तरह के झगड़ों के प्रभाव से निकलने में मदद करती है। शोध के अनुसार भाई बहनों का एक साथ किसी भी गतिविधि मसलन खेलकूद या घर के बाहर किसी से मिलते समय एक साथ परिचय करना उन्हें घर की मुश्किलों से निजात दिलाने में मदद करती हैं।
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अमेरिका में हुए इस शोध में बताया गया है कि भाई बहनों के बीच दोस्ती, प्यार और देखभाल के कारण वे इस तरह के माहौल में भी अपने आपको सामान्य रख पाते हैं। अभिभावकों के प्रति उनके मन में एक जैसे विचार होते हैं जिन्हें वे आपस में साझा कर लेते हैं जिससे उनमें मानसिक बीमारी से पीड़ित होने की संभावना बहुत कम होती है।
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शोध में किशोरावस्था के बच्चों को शामिल किया गया था। इनके तीन चरण में पूरे हुए शोध में पहला चरण बारह वर्ष, दूसरा चरण तेरह वर्ष और आखिरी चरण चौदहवें वर्ष में पूरा किया गया। इस शोध में पता चला कि ये बच्चे अपने माता पिता के बीच होने वाले संघर्षों से कम प्रभावित होते हैं।
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बच्चों और उनकी मांओं पर हुए इस शोध में साक्षात्कार के जरिए इस तरह के निष्कर्ष निकाले गए हैं। इस प्रक्रिया के लिए 236 बच्चों और उनकी मांओं को शामिल किया गया था।