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गणेश चतुर्थी 2019: जब गणेश जी आए तभी संपन्न हुआ भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी का विवाह

Mon, 02 Sep 2019 05:23 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Mon, 02 Sep 2019 05:23 PM IST
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गणेश चतुर्थी 2019: Lord Vishnu and Lakshmi married without Ganesh ji
vishnu - फोटो : social media
देशभर में धूमधाम से गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। ऐसे में हम आपको भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी के विवाह में गणेश जी की भूमिका के बारे में बता रहे हैं। शास्त्रों में वर्णन है कि भगवान गणेश के पधारने के बाद ही विष्णु और मां लक्ष्मी का विवाह संपन्न हुआ था। दरअसल, भगवान विष्णु ने अपने विवाह में गणेश जी को निमंत्रण नहीं दिया था, ऐसे में गणेश जी नाराज हो गए और उनके विवाह में विघ्न डाल दिया। अगली स्लाइड में पढ़िए क्या है पूरी कहानी...
गणेश चतुर्थी 2019: Lord Vishnu and Lakshmi married without Ganesh ji
interesting secrets of lord Vishnu - फोटो : Social Media
भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी के विवाह की तैयारियां चल रही थी। विवाह में सभी देवता शामिल हुए लेकिन गणेश जी को नहीं बुलाया गया। जब गणेश जी नहीं दिखे तो सभी देवताओं ने उनसे गणेश जी के नहीं आने की वजह पूछी और भगवान विष्णु ने बताया कि उन्होंने भगवान शिव को ही निमंत्रण दिया है, गणेश जी को अलग से निमंत्रण नहीं दिया गया। 
गणेश चतुर्थी 2019: Lord Vishnu and Lakshmi married without Ganesh ji
vishnu - फोटो : vishnu
देवताओं ने भगवान विष्णु को सुझाव दिया कि वह गणेश जी को विवाह में बुला लें और द्वारपाल की जिम्मेदारी सौंप दें। इस बात पर अपनी सहमति जताते हुए गणेश जी को बुलाया गया और उन्हेें घर के देखरेख का काम सौंपा। जब विष्णु जी की बारात जा रही थी तो नारद मुनी की नजर गणेश जी पर पड़ी और उन्होनें गणेश जी को इस विवाह में शमिल न होने का कारण पूछा। 

 
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गणेश चतुर्थी 2019: Lord Vishnu and Lakshmi married without Ganesh ji
lord vishnu mystery - फोटो : Social Media
इस पर गणेश जी ने नाराज होकर नारद को बताया कि भगवान विष्णु ने उनका अपमान किया है। नाराद जी ने गणेश जी को सुझाव दिया कि वह भगवान विष्णु की शादी में विघ्न डालने के लिए अपनी मूषक सेना भेजें ताकि उन्हें सम्मानपूर्वक विवाह में बुलाया जाए। इस पर गणेश जी ने अपनी मूषक सेना भेज दी और सारे चूहों ने मिलकर जमीन खोद दी और बारात में रुकावट आ गई।
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गणेश चतुर्थी 2019: Lord Vishnu and Lakshmi married without Ganesh ji
lord vishnu
कहा जाता है कि इस दौरान कई रथ भी जमीन में धंस गए। जब सभी परेशान हो उठे तो नाराज जी ने सुझाव दिया कि भगवान गणेश को विवाह में सम्मानपूर्वक बुलाया जाए ताकि कार्य सिद्ध हो। इस तरह गणेश, भगवान विष्णु के विवाह में शामिल हुए और बारात चल पड़ी।
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