National Road Safety Week 2024: देशभर में सड़क हादसों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसका एक मुख्य कारण लोगों द्वारा सड़क नियमों का पालन नहीं करना है। देशभर में लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाने के लिए हर साल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 11 जनवरी से 17 जनवरी तक सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जाता है। सड़क सुरक्षा सप्ताह एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक करना है। इससे आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के आंकड़े में कमी लाई जा सकती है। आइए जानते हैं पिछले कुछ सालों में सड़क दुर्घटनाओं में कितने लोगों की जान गई और कितने लोग घायल हुए।
National Road Safety Week 2024: सड़क हादसों में हुई 12 फीसदी की वृद्धि, रिपोर्ट में बताई गई ये बड़ी वजह
क्या है सड़क हादसों की वजह?
केंद्रीय सड़क और परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने रिपोर्ट बताया कि सड़क हादसे की सबसे बड़ी वजह तेज गति से गाड़ी चलाना है। साथ ही लापरवाही से या नशे में वाहन चलाना और ट्रैफिक के नियमों का पालन न करना है। इन कारणों से साल दर साल सड़क हादसों में बढ़ोतरी हो रही है।
सबसे ज्यादा खतरनाक वजह
रिपोर्ट के मुताबिक, बाइक से हादसों में करीब 50 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। इसमें ज्यादातर मामले बिना हेलमेट के वाहन चलाने के थे। बीते वर्ष बिना हेलमेट के बाइक चलाते समय 35,692 लोगों की मौत हुई। जबकि बिना हेलमेट के बाइक पर पीछे बैठे लगभग 14,337 लोगों की मौत हुई।
सीट बेल्ट नहीं लगाना भी बड़ा कारण
आंकड़ों की मानें तो कार में बैठे 16,715 उन लोगों ने अपनी जान गंवाई, जिन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। इनमें करीब 8300 लोग कार चालक थे। जबकि 8331 लोग कार में सवार यात्री थे। सरकार का मानना है कि इस तरह के सड़क हादसों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके।