फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Gandhi Jayanti 2024: महात्मा गांधी को क्यों कहते हैं राष्ट्रपिता, जानिए बापू के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक बाते

Tue, 01 Oct 2024 08:33 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 01 Oct 2024 08:33 PM IST
सार

महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में जानिए, साथ ही जानिए मोहनदास करमचंद गांधी कैसे देश के राष्ट्रपिता बन गए और हर भारतीय क्यों उन्हें बापू कहने लगा।

विज्ञापन
Mahatma Gandhi Jayanti 2024 Interesting Facts Of Gandhiji Known as Father Of Nation
गांधी जी को क्यों कहते हैं राष्ट्रपिता - फोटो : Amar Ujala Graphics

Mahatma Gandhi Jayanti 2024:  मोहनदास करमचंद गांधी को देश का राष्ट्रपिता कहा जाता है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। हर साल 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। गांधी जी को महात्मा और बापू कह कर पुकारा जाता है। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे, जिन्होंने अहिंसा के रास्ते पर चलकर भारत को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रारंभिक शिक्षा के बाद वे इंग्लैंड गए, लेकिन जल्द ही भारत लौट आए। फिर दक्षिण अफ्रीका में जाकर उन्होंने अप्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया।



महात्मा गांधी का जीवन परिचय

महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। उनकी माता धार्मिक और सादा जीवन जीने वाली महिला थीं, जिनका गांधीजी के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। गांधीजी की प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर और राजकोट में हुई। बाद में वे लंदन जाकर वकालत की पढ़ाई करने लगे। 1891 में बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त कर भारत लौटे। कुछ समय भारत में वकालत की, फिर 1893 में एक कानूनी मामले के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका गए। वहां उन्होंने नस्लीय भेदभाव का सामना किया, जिसने उन्हें सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित किया।

गांधीजी के आजादी के आंदोलन

महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता के लिए कई बड़े आंदोलन किए, जैसे सत्याग्रह, खिलाफत आंदोलन, नमक सत्याग्रह, और डांडी यात्रा। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा का सिद्धांत अपनाया और हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए भी प्रयास किए।

स्वतंत्रता के बाद

स्वतंत्रता के बाद भी गांधीजी ने सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए काम किया। वे देश में शांति और सौहार्द बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। उन्होंने लोगों को सच्चाई, संयम और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

सादगी और सच्चाई का प्रतीक

गांधीजी ने हमेशा सादगी भरा जीवन जिया। उनका मानना था कि सादगी ही असली सौंदर्य है। वे एक धोती पहनकर पदयात्रा करते और आश्रम में रहते थे। उनके इसी सादगी भरे जीवन के कारण लोग उन्हें प्यार से 'बापू' कहने लगे।

महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' क्यों कहा गया?

महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' का सम्मान सबसे पहले सुभाष चंद्र बोस ने दिया था। उन्होंने गांधीजी को यह उपाधि इसलिए दी, क्योंकि वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे और उन्होंने देश को एकजुट किया था। तब से उन्हें 'राष्ट्रपिता' के रूप में सम्मानित किया जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed