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Gandhi Jayanti 2019: ऐतिहासिक आंदोलन और कैमरे की तस्वीरों में कैद गांधी

Wed, 02 Oct 2019 05:35 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Wed, 02 Oct 2019 05:35 AM IST
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Gandhi Jayanti 2019: Mahatma Gandhi historical Movement

किसी प्रतिष्ठित परिवार में जन्म लेने से या ज्यादा ज्ञान हासिल करने मात्र से कोई इंसान महान नहीं बन जाता है। किसी इंसान को उसके विचार ही उसे महान बनाते हैं। महान इंसान के विचार, शुद्धता और सरलता ही उसे आम इंसान से अलग करती है। ऐसे इंसान कोई भी काम समाज के हित के लिए करते रहते हैं और इनका मकसद समाज में बदलाव लाना होता है। हम कह सकते हैं कि महान इंसान की सोच ही महान होती है।



राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी महान सोच वाले एक साधरण व्यक्ति थे। महात्मा गांधी को प्यार से हम 'बापू' कहते थे। बापू की कुर्बानियों ने ही हमें 200 वर्षों की पराधीनता से आजादी दिलाई। देशवासियों की आजादी के लिए उन्होंने बहुत सारे आंदोलन किए। उनके महान सोच के वजह से ही करोड़ों देशवासियों के जीवन में बदलाव आया। बापू हमेशा सबको साथ मिलाकर चलना चाहते थे। बता दें कि 2 अक्टूबर 2019 को बापू की 150वीं जयंती है। आइए जानते हैं बापू के आंदोलनों के बारे में जिसके आगें नतमस्तक हो गई अंग्रेजी हुकूमत...

Gandhi Jayanti 2019: Mahatma Gandhi historical Movement

चंपारण आंदोलन
दक्षिण अफ्रिका से लौटने के बाद महात्मा गांधी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्रयास शुरू कर दिए। इसकी शरूआत उन्होंने चंपारण आंदोलन से किया। चंपारण आंदोलन को चंपारण सत्याग्रह के नाम से भी जानते हैं। इस आंदोलन को बिहार के चंपारण जिले में सन 1917 में चलाया गया था। चंपारण आंदोलन किसानों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में एक आवाज थी। जमीनदार किसानों को मजबूर कर उनसे जबरन नील की खेती करवाते थे और उसे एक निश्चित दाम पर बेचने के लिए विवश करते थे। इस मजबूरी से मुक्ति के लिए किसानों ने गांधी जी से मदद मांगी। गांधी जी किसानों के मदद के लिए चंपारण गए जहां उन्हें किसानों की भीड़ ने घेर लिया। गांधी जी के साथ जनसमूह को देखकर ब्रिटिश सरकार हरकत में आ गई और उन्हें जिला छोड़ने का आदेश दिया। गांधी जी ने ब्रिटिश सरकार के आदेश का उल्लंघन किया जिस कारण पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गांधी जी को अगले दिन कोर्ट में हाजिर होना था लेकिन उनके हाजिर होने से पहले ही कोर्ट में हजारों किसानों की भीड़ जमा हो गई और गांधी जी के समर्थन में नारे लगने लगे। हालात को देखते हुए मैजिस्ट्रेट ने गांधीजी को बिना जमानत के छोड़ने का आदेश दे दिया।

बापू के आंदोलन से ब्रिटिश सरकार मजबूर होकर एक कमेटी गठित की जिसमें बापू को भी सदस्य  बनाया गया। बापू ने उन सभी प्रस्तावों को अवैध कर दिया जो किसानों के हित में नहीं थे। इस तरह गांधी जी के द्वारा चलाए गए चंपारण सत्याग्रह की जीत हुई।

Gandhi Jayanti 2019: Mahatma Gandhi historical Movement

खेड़ा सत्याग्रह
गुजरात के खेड़ा गांव में सन 1918 में बाढ़ के वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। इस कारण किसान ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स भरने में असमर्थ हो गए। किसानों को इस मुसिबत से निकालने में मदद करते हुए गांधी जी ने एक आंदोलन किया जिसे खेड़ा सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। इस आंदोलन से मजबूर होकर ब्रिटिश सरकार को अपने टैक्स संबंधी नियमों में संशोधन कर किसानों को राहत देने की घोषणा करनी पड़ी और इस तरह यह आंदोलन भी सफल हुआ।

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असहोयग आंदोलन
ब्रिटिश सरकार द्वारा पास रौलट एक्ट के विरोध में 13 अप्रैल 1919 को पंजाब के जलियांवाला बाग में एक सभा बुलाई गई जिसमें हजारों की भीड़ जुटी थी। इसी दौरान ब्रिटिश जनरल डायर अपनी टुकड़ी के साथ पहुंच निहत्थे लोगों पर गोली चलाने का आदेश दे दिया। जिस कारण बहुत सारे मासूम बच्चे, महिलाएं और पुरुष मारे गए। इस क्रुरता की वजह से ब्रिटिश सरकार चौतरफा घिर गई। इसके विरोध में सन 1920 में गांधी जी ने असहयोग आंदोलन की घोषणा कर दी। इस आंदोलन में सरकारी पदों का, स्कूल का, सरकारी अदालतों का बहिष्कार करना, विदेशी वस्तुओं का परित्याग करना शामिल था। इसी दौरान आंदोलनकारियों द्वारा चौरा चौरी नामक जगह पर एक हिंसक घटना का अंजाम दिया गया। अहिंसा के पूजारी गांधी जी ने इसी वजह से सन 1922 में असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया।

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दांडी मार्च
दांडी मार्च को नमक सत्याग्रह के नाम से भी जाना जाता है। ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक बनाने पर लगाएं प्रतिबंध को तोड़ने के लिए गांधी जी ने सन 1930 में इस आंदोलन की शरूआत की। दांडी मार्च के दौरान गांधी जी अपने 72 अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से पैदल चलकर 24 दिनों में 240 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर दांडी गांव समुन्द्र तट पर पहुंचे। इस तट पर उन्होंने नमक बनाकर ब्रिटिश सरकार के आदेशों का उल्लंघन किया। गांधी जी द्वारा नमक कानून तोड़ने के बाद पूरे देश में नमक बनाने का काम शुरू हो गया। इस घटना की वजह से महात्मा गांधी पूरी दुनिया के नजर में आ गए।

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