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क्या आपको भी कभी लगी है सिर पर चोट, हो सकती है यह गंभीर समस्या

Tue, 16 Mar 2021 11:25 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 16 Mar 2021 11:25 AM IST
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Injuries to head at young age might creat cognitive problem
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या आपको 50 वर्ष की आयु या उससे पहले सिर में चोट लगी है? अगर हां, तो रुकिए यह खबर आपसे ही संबंधित है। मामला ऐसा है कि 50 वर्ष या इससे कम आयु वाले व्यक्ति को यदि सिर में चोट लगी हो तो 70 वर्ष तक पहुंचते-पहुंचते अन्य लोगों की तुलना में उसका कॉग्नेटिव टेस्ट स्कोर कम हो सकता है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों ने यह निष्कर्ष निकाला। इसे 'एनाल्स ऑफ क्लिनिकल एंड ट्रांसलेशनल न्यूरोलॉजी' में प्रकाशित किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि कॉग्नेटिव टेस्ट स्कोर व्यक्ति की संज्ञानात्मक क्षमता को दर्शाता है। कॉग्नेटिव टेस्ट स्कोर उच्च होना बेहतर संज्ञानात्मक क्षमता जबकि स्कोर का कम होना डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों का संकेत माना जाता है।
Injuries to head at young age might creat cognitive problem
brain disease - फोटो : अमर उजाला
विशेषज्ञों ने अध्ययन के दौरान पाया कि सिर में लगने वाली चोट वैसे तो अल्जाइमर जैसी मस्तिष्क क्षति से जुड़ी बीमारियों का कारक नहीं बनती है लेकिन यह स्थिति व्यक्ति को डिमेंशिया के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकती है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में लाइफटाइम हेल्थ और एजिंग विभाग से संबंधित और इस अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ सारा-नाओमी जेम्स के मुताबिक सिर में लगी चोट का असर लंबे समय तक देखने को मिल सकता है। डॉ सारा बताती हैं कि अध्ययन के दौरान हमें ऐसे प्रमाण मिले हैं जिसके आधार पर हम कह सकते हैं कि सिर में लगी चोट भले ही हल्की लगती हो पर लंबे समय के लिए यह मानसिक स्वास्थ्य और सोचने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
Injuries to head at young age might creat cognitive problem
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ब्रिटेन में चले इस सबसे लंबे अध्ययन में विशेषज्ञों ने 502 प्रतिभागियों को शामिल किया। यह सभी साल 1946 में जन्मे थे। जन्म के समय से ही इनपर नजर रखी जा रही थी। प्रतिभागियों को क्या कभी सिर में चोट लगी थी, इस बारे में जानने के लिए 53 साल की उम्र में उनसे पूछा गया कि क्या आप कभी बेहोश हुए हैं? जवाब में 21 फीसदी लोगों ने हां में उत्तर दिया।
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Injuries to head at young age might creat cognitive problem
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अध्ययन के दौरान पाया गया कि 70 वर्ष की आयु वाले लोग जिन्हें 15 साल या उससे पहले  सिर में गंभीर चोट लगी थी उनके संज्ञानात्मक परीक्षणों का स्कोर कम था। इस आधार पर डॉ जेम्स कहती हैं कि सिर पर लगने वाली चोट हमारे दिमाग को उम्र बढ़ने के सामान्य प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकती है। वैसे तो इस बात के प्रमाण नहीं मिले हैं कि इस तरह की चोट डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों का कारण बन सकती है, हां पर यह डिमेंशिया के लक्षणों को जरूर बढ़ा सकती है।
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