Krishna Janmashtami 2025: आज हर घर-मंदिर में आपको कृष्ण जन्मोत्सव की धूम देखने को मिल रही होगी। ये त्योहार हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन जगह-जगह पर ऐसे ही जन्मोत्सव की तैयारी की जाती है, मानो घर में ही किसी बच्चे का जन्मदिन है।
ये दिन बेहद खास होता है, इसलिए इसकी तैयारी काफी पहले शुरू हो जाती है। पर, कई बार कुछ चीजों का प्लान अचानक ही बनता है, जैसे कि अगर आपको अचानक से मन है अपने लड्डू गोपाल के लिए अलग सा फूलों का पालना तैयार करना है, तो ये लेख आपके लिए है। यहां हम आपको असली फूलों का पालना तैयार करने की सबसे आसान विधि बताएंगे।
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फूलों की मदद से पालना बनाने का सामान
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फूलों की मदद से पालना बनाने का सामान
- ताजे फूल (गेंदे, गुलाब, रजनीगंधा, या जो भी उपलब्ध हों)
- मजबूत लकड़ी/प्लास्टिक का छोटा बॉक्स या डोलची
- लोहे का पतला तार
- सुई और धागा
- चुनरी या नेट का कपड़ा
- रुई या छोटा गद्दा (लड्डू गोपाल के बैठने के लिए)
- लटकाने के लिए रस्सी, दुपट्टा या डोरी
- सजावट के लिए मोती, लेस, लाइट्स (वैकल्पिक)
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बनाने की विधि
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बनाने की विधि
पालना तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले पालने का बेस तैयार करना है। उसके लिए एक मजबूत टोकरी लें। अब यदि आप अपने पालने में ऊपर की तरफ हैंडल भी बनाना चाहते हैं तो टोकरी में तार को ऐसे फिट करें, जिसे आप आसानी से उठा सकें। तार को सही से फिट करने के लिए दोनों साइड से मोड़ दें, ताकि जब आप इसे सजााएं तो ये अजीब न लगे।
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बनाने की विधि
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सांचा तैयार करने के बाद बारी आती है इसे फूलों से सजाने की तो उसके लिए सबसे पहले तो फूलों की माला बना लें। ये माला गुलाब के साथ-साथ गेंदे के फूल की भी हो सकती है। माला बनाने के बाद पालने के चारों ओर फूलों की माला लपेटें या चिपकाएं।
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बनाने की विधि
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जो तार ऊपर की साइड लगाया है उपर भी गोल-गोल करके माला लपेटें और इसे चिपकाते भी चलें, ताकि ये हटे नहीं। अगर आप चाहें तो ऊपर तार पर नेट का कपड़ा डाल सकते हैं, ताकि ये देखने में छतरीनुमा लगे और पालना ऊपर से पूरी तरह ढक जाए. आगे की साइड से इसे खुला ही रहने दें। इसके बाद इट्स, मोती या लेस से सजावट करें। बस आखिर में पालने के बीच में छोटा सा गद्दा बिछाएं। अब आपका पालना लड्डू गोपाल के लिए तैयार है तो अपने लड्डू गोपाल को स्नान कराकर पालने में विराजमान करें और उनकी पूजा करें।