इस मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियां जैसे डेंगू और चिकगुनिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।ऐसे में सोशल मीडिया पर इन बीमारियों से बचने के लिए एक नुस्खा तेजी से वायरल हो रहा है जिसे जाने अनजाने कई लोग अपने अकाउंट पर तेजी से शेयर कर रहे हैं।आइए जानते हैं आखिर क्या है इस नुस्खे की पूरी सच्चाई....
असल में डेंगू और चिकनगुनिया दोनों ही बीमारियां मच्छर के काटने से फैलती हैं। बरसात के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है जिसकी वजह से लोग इन दोनों बीमारियों के शिकार बनते हैं।इन दोनों बीमारियों के बढ़ते प्रकोप के बीच सोशल मीडिया पर नींबू और लौंग का एक नुस्खा तेजी से शेयर किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस नुस्खे की मदद से डेंगू का मच्छर भाग जाता है।
इस नुस्खे को कारगर बनाने के लिए जो तरीका बताया जा रहा है उसमें कहा गया है कि एक नींबू को दो हिस्सों में बांट कर इसमें साबुत लौंग के 10-15 पीस इसमें गाड़कर अगर कमरे में रख दिए जाएं तो इससे कमरे में डेंगू के मच्छर नहीं आएंगे।
आमतौर पर बीमारियों से बचने के देसी नुस्खों का प्रचलन में आना कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि मच्छरों को भगाने के इस नुस्खे के कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।इस बारे में डॉक्टरों को कहना है कि हमें देसी नुस्खों की जगहर अगर हम इस बात पर ध्यान दें कि घर के किसी भी हिस्से में डेंगू मच्छर के लार्वा पैदा ही न हों तो बीमारी पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।
असल में डेंगू के लार्वा रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं और यहीं से बीमारी का जन्म होता है। ऐसे में अगर हम घरों में पानी जमा ही न होने दें तो इस बीमारी पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है।
कहां से आई चिकनगुनिया बीमारी :
चिकनगुनिया शब्द अफ्रीकी भाषा से लिया गया है, जिसका मतलब होता है वह जो झुका दे..., यह वायरस से होने वाला बुखार है। एडीज एजिप्टी नाम के मच्छर, जिसे पीले बुखार का मच्छर भी कहते हैं, इसके काटने से यह वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है।