'ओणम' केरल का सबसे प्रमुख त्योहार है। पिछले वर्ष तो केरल में आई बाढ़ की वजह से इस त्योहार का रंग कुछ फीका था। लेकिन इस बार केरलवासी ओणम के त्योहार में कोई कमी नहीं रखना चाहते हैं। त्योहार के मौके पर केरल में व्यंजनों की पूरी एक श्रंखला बनाई जाती है, जिस थाली का नाम होता है साद्या। जिसमें करीब 26 व्यंजन होते हैं। हांलाकि कभी-कभी इन व्यंजनों में कुछ वहां के स्थानीय लोगों के अनुसार भिन्न हो जाते हैं लेकिन कुछ व्यंजन जो हर सद्या में होते हैं। तो आइए जाने वो कौन से व्यंजन है जो साद्या में शामिल होते हैं।
ओणम 2019: "साद्या" ओणम में बनने वाली थाली के वो 26 व्यंजन
केले के पत्ते पर परोसे गए व्यंजनों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। जिसमें उपेरी, शर्करा वरही, मांगा करी, नारंगा करी, सांबर और रसम होता है।
साद्या में इंजी यानि की अदरक की चटनी गुड़ के साथ जरूर बनती है। जिसे इंजी करी कहते हैं। इसके अलावा चेन यानी सूरन करी, परिप्पु करी, चोर यानी चावल, ओलन, कालन, पच्चड़ी, पुलुस्सरी, एलिस्सरी, मोर यानी खट्टा रायता होता है।
अवियल में मौसम की उगने वाली सारी सब्जियों का मिश्रण होता है। इसके साथ ही इन सारे व्यंजनों में नारियल का प्रयोग बिल्कुल खुले हाथों से होता है। किच्चड़ी एक दही की बनने वाली रेसिपी है। इसके साथ ही पत्ता गोभी की सब्जी जिसे तोरन कहते हैं भी शामिल होती है।
मीठे में बनने वाली खीर जिसे ज्यादातर पायसम कहते हैं। लेकिन पायसम भी तीन तरह की होती है। पहली होती है पलाडा जो मैदे की बनती है। इसके साथ ही दूसरी होती है गोदम्ब यानी गेहूं की खीर और तीसरी होती है पझम यानी अरहर की दाल की बनी खीर। सेवईं और चावल की खीर तो बनती ही है। इन सभी खीर में गुड़ जरूर पड़ता है।