फलों को कार्बोहाइड्रेट्स और फाइबर का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। लेकिन जब आप भीगे हुए नट्स या बीजों को फलों के साथ मिलाकर खाते हैं, तब इसमें खनिज और विटामिन्स की मात्रा दोगुनी हो जाती है। साथ ही नट्स और बीजों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और फाइबर पाए जाते हैं।
जिमपिक (एग्रीगेटर ऑफ हेल्थ एंड फिटनेस सेंटर फॉर ट्रेनर्स एंड कंज्यूमर्स) में न्यूट्रिशनिस्ट एवं आहार विशेषज्ञ सुजाता शेट्टी का कहना है कि सेब, एवोकाडो और केला को मिलाकर बने फ्रूट सलाद में फ्लेवोनॉएड्स, पेकि्टन, फाइबर, हेल्दी फैट्स जैसे एमयूएफए, फॉलिक एसिड और पोटैशियम आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर में शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने और इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं।
नाश्ते में सेब
पेट भरने के लिए बेशक आप सेब कभी भी खाएं, लेकिन सेब खाने का सही समय है सुबह। नाश्ते में यदि आप रोजाना एक सेब खाएंगी, तो इससे ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है। इसमें मौजूद पेक्टीन, शरीर को संतुलित रखता है, लेकिन जब हम इसे रात में खाते हैं, तो इसमें मौजूद पेकि्टन आसानी से नहीं पचता है। इस कारण से पेट में एसिडिटी हो सकती है।
दोपहर के समय केला
केला खाने का सबसे अच्छा समय है दोपहर। यानी दोपहर के खाने में यदि आप केला खा रही हैं, तो इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और त्वचा भी खूबसूरत होती है। फाइबर युक्त केला पाचन में मदद करता है, साथ ही इससे एसिडिटी नहीं होती और शरीर को ठंडक मिलती है। मगर रात में केला नहीं खाना चाहिए, क्योंकि रात में खाने से यह अपच का कारण बन सकता है। वहीं कुछ लोगों के लिए यह कफकारक भी होता है। यह मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है, इसलिए इसे खाली पेट खाने से मना किया जाता है। इससे पेट खराब भी हो सकता है।
अमरूद, पपीता और कीवी
न्यूट्रिशनिस्ट एवं आहार विशेषज्ञ सुजाता शेट्टी का कहना है कि इन तीनों फलों में विटामिन सी, फाइबर, कैरोटीन, मैग्नीशियम और पोटैशियम आदि खनिज पदार्थ भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। ये कब्ज दूर करने के साथ ही पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाते हैं। ये सभी फल मेटाबॉलिज्म को भी रेगुलेट करते हैं।