हैदराबाद ने एक बार फिर से वैश्विक पहचान हासिल की है। यहां की मशहूर डिश हलीम और बिरयानी को यूनेस्को ने रचनात्मक शहरों की सूची में पाक कला की श्रेणी में जगह दी है। हैदराबाद के साथ ही मायानगरी मुंबई को भी यूनेस्को ने कला की श्रेणी में रचनात्मक शहरों की सूची में शामिल किया है। यूनेस्को ने इस बार रचनात्मक शहरों की सूची में 66 शहरों को शामिल किया है जिसमें भारत से मुंबई और हैदाराबाद हैं। यूनेस्को ने अभी तक 246 शहरों को रचनात्मक शहरों की सूची में शामिल किया है।हैदाराबाद को वैसे भी बिरयानी, कबाब और हलीम के लिए जाना जाता है। यहां की बिरयानी दुनियाभर में मशहूर है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2010 में हलीम व्यंजन को जी आई टैग भी मिल चुका है। यह पहली बार था जब इस मांसाहारी व्यंजन को यह प्रतिष्ठित खिताब मिला था। हालांकि हैदराबादी बिरयानी कई बार देश के प्रतिष्ठित व्यंजनों की सूची में शामिल हो चुकी है लेकिन यूनेस्को ने पहली बार इसे अपने पाक कला की सूची में शामिल किया है।
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31 अक्टूबर को विश्व शहरी दिवस के दिन यूनेस्को के डायरेक्टर जनरल ऑड्रे आज़ोले ने हैदराबाद और मुंबई को रचनात्मक शहरों की सूची में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने इन दोनों शहरों को सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध बताया। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक और राजनीतिक के साथ-साथ नए पीढ़ी के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
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यूनेस्को के कल्चर चीफ जूही हान ने कहा कि हैदराबाद के व्यंजन दुनिया के भोजनों के अनुकुल है। शायद इन व्यंजनों के मदद से ही हैदराबाद सम्मान पाता है। हैदराबाद शहर को इस अच्छे खबर के लिए हार्दिक बधाई। नगरपालिका प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम ने इसके लिए बेहतर काम किया है।
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इस खबर को ट्विटर पर साझा करते हुए नगरपालिका प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग के मंत्री के टी रामा राव ने कहा कि इस बात की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि विश्व शहरी दिवस के अवसर पर हैदराबाद युनेस्को के रचनात्मक सुची के पाक श्रेणी में शामिल हो गया है। यूनेस्को के इस साल के 66 शहरों की सूची में भारत के 2 शहरों में यह एक है।