कलयुग के सबसे प्रमुख देवताओं में से एक माने जाते हैं हनुमान जी। सुंन्दर कांड और हनुमान चालीसा में बजरंगबली के चरित्र को लेकर तमाम व्याख्या की गई है। इसके अनुसार हनुमान जी का किरदार सभी के लिए प्रेरणादायक है। हनुमान जयंती के मौके पर हम आपको हनुमान जी के कुछ खास गुण बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने जीवन में सफल हो सकते हैं। हनुमान जी के यह गुण आपके प्रोफेशनल लाइफ में बहुत काम आएंगे।
हनुमान जी के ये 5 गुण प्रोफेशनल लाइफ में अपनाएं, कम समय में कर जाएंगे तरक्की
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संवाद कौशल
हनुमान जी मां सीता से रावण के अशोक वाटिका में जब पहली बार मिलें तो सीता जी ने उन्हें नहीं पहचाना। एक वानर से भगवान श्रीराम का संदेश सुन वह शंका में थी। लेकिन हनुमान जी ने अपने संवाद कौशल से सीता जी को इस बात का भरोसा दिलाया कि वह भगवान राम के ही दूत हैं।
चतुराई
हनुमान जी ने समुद्र पार करते वक्त अपनी चतुराई का परिचय दिया था। समुद्र पार करते वक्त सुरसा उनको खाना चाहती थी। उस समय हनुमान जी ने चतुराई से अपना कद बढ़ाया फिर छोटा रूप कर लिया। इसके बाद वह सुरसा के मुंह में प्रवेश कर वापस बाहर आ गए। हनुमान जी की इस चतुराई से सुरसा प्रसन्न हो गई और रास्ता छोड़ दिया। चतुराई की यह कला हम हनुमान जी से सीख सकते हैं।
आदर्शों से कोई समझौता नहीं
लंका में रावण के अशोक वाटिका में हनुमान जी और मेघनाथ के बीच युद्ध शुरू हो गया। इस दौरान मेघनाथ ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर दिया। हनुमान जी चाहते तो वह इसका तोड़ निकाल सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि वह ब्रह्मास्त्र का महत्व कम नहीं करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने ब्रह्मास्त्र का आघात सह लिया। जबकि यह प्राणघातक भी हो सकता था।
समस्या नहीं समाधान बनिए
जिस समय लक्ष्मण युद्ध के दौरन मूर्छित हो गए उनके प्राणों की रक्षा के लिए हनुमान जी ने पूरा पहाड़ उठा लिया क्योंकि वह संजीवनी बूटि को नहीं पहचान पाएं। इसी तरह हमें भी शंका स्वरूप नहीं बल्कि समाधान स्वरूप होना चाहिए।