रेणु फ्रांसिस
बरसात के मौसम में सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी बीमारियां आम हो जाती हैं। साथ ही डेंगू और मलेरिया जैसे संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस समय प्राकृतिक उपायों, खासकर हर्ब्स के सेवन पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं, इस बात में कोई दो राय नहीं कि पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होते हैं। ऐसे में क्यों न आप अपने घर या बालकनी में मिनी हर्ब गार्डन बनाएं और ताजगी एवं स्वास्थ्य, दोनों का लाभ उठाएं।
सही जगह का चुनाव
हर्ब गार्डन बनाने के लिए सबसे पहला और जरूरी कदम है, सही जगह का चयन। अधिकतर हर्ब्स को अच्छी धूप की जरूरत होती है, इसलिए ऐसी जगह चुनें, जहां रोजाना 5-6 घंटे धूप आती हो। अगर घर छोटा है तो बालकनी, खिड़की या छत का उपयोग करें। वहीं, जिनके पास आउटडोर स्पेस नहीं है, वे विंडो बॉक्सेस या इनडोर ग्रो लाइट्स का सहारा ले सकती हैं। हर्ब्स छोटे गमलों में भी आसानी से उग जाते हैं, इसलिए सीमित जगह में भी आप अपना मिनी हर्ब गार्डन तैयार कर सकती हैं।
क्या-क्या उगाएं
तुलसी, पुदीना, धनिया, अजवाइन, मेथी, मेहंदी, सौंफ और रोजमेरी जैसे हर्ब्स जल्दी तथा आसानी से घर में उगाए जा सकते हैं। ये रोजमर्रा के कामों में भी बहुत काम आते हैं। आप इनकी शुरुआत बीज या छोटी पौध से कर सकती हैं। इन्हें रोजाना सीमित मात्रा में पानी दें। समय-समय पर इनकी छंटाई करें, ताकि ये स्वस्थ और तेजी से बढ़ सकें। ये हर्ब्स आपके मिनी गार्डन को उपयोगी और खुशबूदार बना सकते हैं।
मिट्टी या कंटेनर
हर्ब्स सबसे अच्छे ढंग से ऐसी जगह उगते हैं, जहां उन्हें पर्याप्त धूप मिले और मिट्टी जल निकासी वाली हो। इसलिए अगर आप इन्हें कंटेनर या गमले में उगा रही हैं तो कंटेनर के नीचे ड्रेनेज होल जरूर करें, ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके। आप पुराने डिब्बे, प्लास्टिक की बोतल या लकड़ी के बॉक्स को भी कंटेनर के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। ध्यान रखें, कंटेनर की गहराई कम से कम 6-8 इंच होनी चाहिए, ताकि जड़ें अच्छी तरह फैलें और पौधे स्वस्थ रह सकें।
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जैविक खाद
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जैविक खाद
आप अपने हर्ब गार्डन में केवल जैविक खाद का उपयोग करें, ताकि पौधे स्वस्थ और मजबूत बनें। घर में बनी खाद भी उपयोगी होती है। आप गोबर और नीम की खली मिलाकर खाद तैयार करें, क्योंकि नीम की खली में कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम होते हैं, जो हर्ब्स की वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।
नीम तेल
गार्डन या गमलों में उग रहे हर्ब्स को फंगस से बचाने के लिए आप 15-20 दिन में एक बार नीम के तेल का स्प्रे जरूर करें। नीम का तेल कीटों को दूर रखता है और पानी से लगने वाले फंगस को भी रोकता है। इससे पौधों के पत्ते और मिट्टी साफ रहती है, हर्ब्स स्वस्थ बने रहते हैं और उनका बेहतर विकास होता है।
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सबसे जरूरी देखभाल
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सबसे जरूरी देखभाल
घर में प्राकृतिक रूप से उगे हर्ब्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। आप इन का उपयोग रोजमर्रा के व्यंजन, जैसे चटनी, सब्जी, सलाद और हर्बल चाय में कर सकती हैं। लेकिन इन्हें स्वस्थ बनाए रखने के लिए सही देखभाल जरूरी है। इसलिए गार्डन की नियमित सफाई करें, सूखी और पीली पत्तियों को हटाएं तथा हफ्ते में एक बार मिट्टी को ढीला करें, ताकि जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिले। अधिक बारिश के समय हर्ब्स को सुरक्षित स्थान पर रखें। इससे हर्ब्स ताजे और लंबे समय तक उपयोगी बने रहेंगे।