कोरोना वायरस की विपरीत परिस्थितियों के कारण समय-समय पर लगे लॉकडाउन ने लोगों को घर पर रहने के लिए मजबूर कर दिया। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए विशेषज्ञ इसे बेहतर विकल्प तो मानते हैं, हालांकि यह कई प्रकार से लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। भले ही अब देशभर में लॉकडाउन खत्म कर दिया गया हो, लेकिन इसका असर लोगों की सेहत पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लॉकडाउन ने लोगों को शारीरिक रूप से काफी निष्क्रिय बना दिया है, इसके अलावा आइसोलेशन में लंबे समय तक रहने का असर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी देखा जा रहा है, अभी इन समस्याओं की शुरुआत है, इन्हें बढ़ने से रोकने की जरूरत है।
सलाह: लॉकडाउन के साइड-इफेक्ट्स से हैं परेशान, इन योगासनों से मिलेगा जल्द लाभ
प्राणायाम से मिल सकते हैं कई लाभ
योग विशेषज्ञों के मुताबिक लॉकडाउन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए प्राणायाम जैसे योगाभ्यास कई मामले में फायदेमंद हो सकते हैं। मन और शरीर दोनों के संतुलन को बढ़ाने के साथ प्राणायाम का अभ्यास कई तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है। फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वसन क्रिया में प्रयुक्त नसों को आराम देने वाले सबसे प्रभावी व्यायामों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ इस आसन को खाली पेट करने की सलाह देते हैं। प्राणायाम करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। शरीर को एकदम सीधा रखें। अब गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। रोजाना कम से कम 10 मिनट तक इस व्यायाम को जरूर करना चाहिए।
सूर्यनमस्कार योग के फायदे
संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए सूर्यनमस्कार बेहद फायदेमंद योगासनों में से एक माना जाता है। सूर्य नमस्कार को संपूर्ण शरीर का अभ्यास माना जाता है, इसमें सभी मांसपेशियों और जोड़ों का अभ्यास एक साथ ही हो जाता है। इसके अलावा शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के साथ तमाम अंगों की शक्ति को बढ़ाने में सूर्यनमस्कार योग फायदेमंद हो सकता है। यह पोज़ मन को तरोताज़ा करने के साथ शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने में बेहद सहायक माना जाता है।
भुजंगासन (कोबरा पोज)
शरीर के तमाम महत्वपू्र्ण अंगों जैसे पेट और पीठ को आराम दिलाने के साथ यह योग अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूती देता है। इस अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाइए और हथेली को कंधे के नीचे रखिए। सांस लेते हुए शरीर के अगले भाग को ऊपर की ओर उठाएं। 10-20 सेकंड्स के लिए इसी अवस्था में रहिए फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस अभ्यास को नियमित रूप से 10-15 बार किया जा सकता है। कोरोना से सुरक्षित रखने में इस योग के कई लाभ हो सकते हैं। लॉकडाउन के साइड-इफेक्ट्स को कम करने के लिए भुजंगासन कई तरह से फायदमंद साबित हो सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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