प्रतिवर्ष 8 मई को संपूर्ण विश्व में विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया जाता है। थैलेसीमिया रक्त संबंधी बीमारी है जो कि अनुवांशिक है। बचपन से ही यह रोग बच्चों में होता है और इसलिए उन्हें बार-बार ब्लड बैंक ले जाना होता है। इस बीमारी में खून की बहुत कमी होने लगती है इसलिए बच्चों को बाहरी खून देना होता है। खून के कमी से मरीज के शरीर में हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है। इसी बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष इस दिन को मनाया जाता है। अगली स्लाइड्स से जानिए थैलेसीमिया के लक्षण एवं इसके इतिहास और विषय से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।
विश्व थैलेसीमिया दिवस 2021: जानिए विश्व थैलेसीमिया दिवस का इतिहास. विषय, बीमारी के लक्षण और सावधानियां
विश्व थैलेसीमिया दिवस का इतिहास
वर्ष 1994 में पहली बार विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाने के विषय में सोचा गया। थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन द्वारा इस दिन की स्थापना की गई। जॉर्ज एंगलजोस, जो कि थैलेसीमिया अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन के अध्यक्ष और संस्थापक के रूप में काम करते थे और अन्य सभी थैलेसीमिया रोगियों की स्मृति में इस दिन को मनाने का निर्णय लिया गया।
विश्व थैलेसीमिया दिवस 2021 का विषय
1994 के बाद से विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाने के लिए एक विषय तय किया जाता है। इस वर्ष का विषय “ग्लोबल थैलेसीमिया समुदाय के पार स्वास्थ्य असमानताओं को संबोधित करना” है। विशेषज्ञ इस विषय पर चिंतन करने के साथ ही पूरे साल इसके लिए किस प्रकार की युक्तियां निकाली जाए, उस पर विचार- विमर्श करेंगे।
थैलेसीमिया के लक्षण
थैलेसीमिया होने पर सर्दी-जुकाम बना रहता है, शरीर बीमार सा लगता है, सांस लेने में तकलीफ महसूस होना, शरीर में कमजोरी और दर्द बना रहना, दांतों का बाहर की ओर निकलना, उम्र के अनुसार शारीरिक विकास न होना, शरीर का पीला पड़ना, उदासी बने रहना। यह सभी थैलेसीमिया के ही लक्षण हैं।
यदि आप थैलेसीमिया से खुद का बचाव करना चाहते हैं तो बहुत जरूरी है कि गर्भावस्था के दौरान इसकी जांच करवाएं। अपने हीमोग्लोबिन का स्तर नियंत्रित रखें। जरूरत पड़ने पर भी विवाह से पहली पति-पत्नी अपने रक्त की जांच एकबार जरूर करवा लें। माइनर थैलेसीमिया होने पर अपनी दवाई- गोली समय से लेते रहें।