रीढ़, शरीर की सबसे महत्वपूर्ण हड्डियों में से एक है। रीढ़ की हड्डी शरीर की मुद्रा को ठीक बनाए रखने के साथ संरचनात्मक और बेहतर संतुलन प्रदान करने में सहायक होती है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इससे संबंधित विकार बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बिगड़ती लाइफस्टाइल के कारण रीढ़ को काफी नुकसान पहुंच रहा है। इसके कारण गर्दन से लेकर कमर तक के हिस्सों में दर्द और तंत्रिकाओं की कई तरह की समस्याओं के बढ़ने का खतरा हो सकता है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के अनुसार, पीठ के निचले हिस्से में दर्द दुनियाभर में तेजी से बढ़ती समस्या है, इसके लिए रीढ़ की समस्याओं को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
Health Tips: World Spine Day पर जानिए, क्यों बढ़ रही हैं रीढ़ की हड्डी की समस्याएं? कैसे करें इससे बचाव
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क्या है डॉक्टर्स की सलाह?
डॉक्टर्स कहते हैं, रीढ़ की हड्डी का ख्याल सभी उम्र के लोगों को रखना बहुत आवश्यक है। शारीरिक निष्क्रियता के कारण इससे संबंधित विकार बढ़ते जा रहे हैं। खान-पान की भी कुछ गड़बड़ आदतों के कारण समय के साथ रीढ़ की दिक्कतों के विकसित होने का जोखिम हो सकता है। रीढ़ को ठीक रखने के लिए शारीरिक मुद्रा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बैठते समय रीढ़ को सीधा और आरामदायक स्थिति में रखें। रीढ़ की हड्डी की समस्याओं को दूर करने के लिए रोजाना वॉक करने और व्यायाम की आदत बनाने से लाभ मिल सकता है।
लंबे समय तक बैठे रहने से बचें
लगातार बैठे रहने के कारण न्यूट्रल स्पाइनल अलाइनमेंट बनाए रखना कठिन हो जाता है जिसके कारण यह रीढ़ की हड्डी के तनाव को बढ़ा सकता है। इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए ज्यादा समय तक सीधा खड़े रहने की अधिक कोशिश करें। अगर आपकी डेस्क जॉब है तो थोड़ी-थोड़ी देर के बाद उठकर आसपास वॉक कर लें। शरीर की समय-समय पर स्ट्रेचिंग करते रहने से भी रीढ़ की समस्याओं से बचे रहने में मदद मिल सकती है।
नियमित व्यायाम की बनाएं आदत
रीढ़ के साथ शरीर की अन्य हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम की आदत बनाना सभी के लिए आवश्यक माना जाता है। लंबे समय तक एक ही पोजिशन में रहने से रीढ़ की हड्डी में दर्द हो सकता है। नियमित वॉक, तैराकी, योग-व्यायाम की आदत आपकी रीढ़ की स्वस्थ रखने और अतिरिक्त तनाव के कम करने में आपके लिए विशेष मददगार हो सकती है। शारीरिक रूप से सक्रियता बनाए रखने से रीढ़ की हड्डी की परेशानियों को कम किया जा सकता है।
आहार संबंधित सावधानियां
रीढ़ की समस्याओं को दूर करने के लिए सही आहार का चयन करना भी आवश्यक माना जाता है। एंटी-इंफ्लामेटरी फूड आइटम इससे संबधित समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। अधिक फैट वाले डेयरी उत्पाद, रेड मीट, रिफाइंड चीनी और प्रीजर्वेटिव खाद्य पदार्थों से बचाव करें। स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन करें जिससे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ वजन को भी कम रखा जा सके। यह रीढ़ की सेहत को ठीक रखने में मदद करेगी।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।