World Sleep Day: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन और नियमित व्यायाम जरूरी है। इस बारे में हम सभी जानते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि पौष्टिक आहार और व्यायाम के साथ-साथ रोजाना अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी है? स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना रात में 8-9 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेने की सलाह देते हैं।
World Sleep Day:अच्छी सेहत की चाभी है भरपूर नींद, जानिए नींद न पूरी होने से क्या दिक्कतें होती हैं
शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य को ठीक बनाए रखने में अच्छी नींद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना रात में 8-9 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेने की सलाह देते हैं।
अच्छी नींद से पूरा शरीर रहता है स्वस्थ
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, मस्तिष्क से लेकर हृदय स्वास्थ्य, मेटाबॉलिज्म से लेकर इम्युनिटी ठीक रखने तक के लिए अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है। नींद के दौरान शरीर क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करता है, हार्मोन्स को संतुलन करता है और प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) को मजबूत करता है।
साल 2015 में जर्नल ऑफ स्लीप रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नींद की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है उनके लिए शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना भी कठिन हो सकता है।
अच्छी नींद क्यों जरूरी है?
संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए रोजाना रात में अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी माना जाता है।
- नींद के दौरान मस्तिष्क दिनभर की जानकारी को व्यवस्थित करता है, याददाश्त को मजबूत करता है। इससे नई चीजें सीखने की क्षमता बढ़ाती है।
- शोध बताते हैं कि अच्छी नींद लेने वाले लोगों की निर्णय लेने की क्षमता, समस्या हल करने का कौशल और रचनात्मकता बेहतर होती है।
- अच्छी नींद हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
- हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अच्छी नींद लेने वाले लोगों में स्ट्रेस-डिप्रेशन का खतरा कम होता है।
नींद पूरी न होना कितना नुकसानदायक?
साल 2017 के एक शोध के अनुसार, केवल एक रात की खराब नींद भी एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर सकती है। इसके अलावा आप पूरे दिन थकान, कमजोरी और सुस्त महसूस कर सकते हैं।
नींद पूरी ने होने से शरीर में घ्रेलिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) की मात्रा बढ़ जाती है और लेप्टिन (भूख कम करने वाला हार्मोन) की मात्रा घट जाती है, जिससे ज्यादा खाने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है इससे मोटापे हो सकता है। इतना ही नहीं नींद की कमी से शरीर में इंफ्लेमेशन को भी बढ़ा देती है, जिससे ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है उनके शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है।
अच्छी नींद पाने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोगों को अच्छी नींद पाने के लिए प्रयास करना चाहिए। इसके लिए सोने और जागने का नियमित समय तय करें। हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने से शरीर का सर्केडियन रिदम संतुलित रहता है। मोबाइल, लैपटॉप और टीवी से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन (नींद लाने वाला हार्मोन) के स्तर को कम कर देती है, जिससे नींद प्रभावित होती है। इसलिए सोने से कम से कम एक घंटे पहले स्क्रीन का उपयोग न करें।
- कैफीन (चाय, कॉफी, सोडा) और शराब के सेवन से बचें, खासकर सोने से 4-6 घंटे पहले।
- बेडरूम ठंडा, अंधेरा वाला और शांत रखें। मुलायम और आरामदायक गद्दे का उपयोग करें।
- दिन में कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
- योग, ध्यान और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज से तनाव कम करने में मदद मिलती है, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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