World Sight Day 2025: आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनकी मदद से हम इस दुनिया के खूबसूरत दृश्यों का आनंद ले पाते हैं। हालांकि चिंताजनक बात ये है कि ये अंग अब कई प्रकार से खतरे में हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों की दिनचर्या, खान-पान की आदतें और मोबाइल-लैपटप जैसे स्क्रीन्स से नजदीकियां बढ़ गई हैं इनसे आंखों की सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंच रहा है। आलम ये है कि अब 5 से कम उम्र के लाखों बच्चों बच्चों को भी स्पष्ट देखने के लिए चश्मे की मदद लेनी पड़ रही है।
Health Alert: ज्यादा चीनी खाने से सिर्फ डायबिटीज ही नहीं आंखों को भी खतरा, तुरंत कर लें इसमें सुधार
- दुनियाभर में करीब 2.2 बिलियन (220 करोड़) लोग किसी न किसी आंख की समस्या से जूझ रहे हैं, जिनमें आधे से ज्यादा मामलों को सही देखभाल और खानपान से रोका जा सकता है।
- ज्यादा मात्रा में चीनी, मीठे पेय का सेवन सिर्फ डायबिटीज ही नहीं आंखों के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
आंखों से संबंधित समस्याओं का बढ़ता खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं आंखों से संबंधित समस्याओं के लिए लाइफस्टाइल से संबंधित कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसपर कम उम्र से ही गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
डिजिटल स्क्रीन का लगातार उपयोग, पोषण की कमी, जंक फूड का सेवन,नींद की कमी, प्रदूषण और धूल को इसका प्रमुख कारण माना जाता है। हालांकि आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली एक खतरनाक आदत पर लोगों का ध्यान बहुत कम जाता है, वह है चीनी का अधिक सेवन।
ज्यादा मात्रा में चीनी, मीठे पेय का सेवन सिर्फ डायबिटीज ही नहीं आंखों के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
चीनी खाने से आंखों की समस्या
अध्ययनों में पाया गया है कि ज्यादा मीठा खाने से डायबिटिक रेटिनोपैथी, धुंधला दिखने और समय से पहले मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ज्यादा चीनी या मीठे पेय के कारण समय के साथ डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या का खतरा बढ़ जाता है जो रेटिना की नसों को प्रभावित करती है। इसपर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये धीरे-धीरे अंधेपन तक का कारण बन सकती है।
इसके अलावा ज्यादा चीनी के सेवन का आंखों की लेंस पर भी असर पड़ता है जिससे मोतियाबिंद होने का खतरा बढ़ जाता है।
आंखों में होने वाली दिक्कतें
अध्ययनों से पता चलता है कि ज्यादा चीनी खाने की आदत ब्लड शुगर लेवल को भी तेजी से बढ़ाती है। लंबे समय तक शुगर लेवल हाई रहने के कारण आपकी आंख के लेंस में सूजन बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे उसका आकार बदल सकता है और ठीक से ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो सकता है। रक्त शर्करा स्तर सामान्य सीमा में वापस आने पर यह समस्या अक्सर भी ठीक हो जाती है।
इसके अलावा चीनी युक्त आहार और हाई ब्लड शुगर के संयोजन से आंसू का उत्पादन भी कम हो सकता है जिससे ड्राई आइज, आंखों में जलन, चुभन और धुंधली दृष्टि जैसे लक्षण हो सकते हैं।
आंखों को स्वस्थ रखने वाले उपाय?
ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑप्थाल्मोलॉजी की रिपोर्ट कहती है कि जिन लोगों का शुगर सेवन अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें आंखों से संबंधित विकारों का खतरा 30% तक बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों और युवाओं को कोल्ड ड्रिंक्स, कैंडी, पैकेज्ड जूस और चॉकलेट का सेवन कम करना चाहिए और प्राकृतिक मिठास जैसे फलों को अपनाना चाहिए।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन-ए, विटामिन सी, विटामिन ई, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड बेहद जरूरी हैं। आहार में चीनी की मात्रा कम करने के साथ इन पोषक तत्वों से भरपूर चीजों की मात्रा बढ़ा लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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