सांस की समस्याएं संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जोखिमकारक हो सकती हैं, इसपर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। अस्थमा और निमोनिया जैसी फेफड़ों की दिक्कतें क्वालिटी ऑफ लाइफ को भी प्रभावित करने वाली मानी जाती हैं, जिसको नियंत्रित करना और इससे बचाव के लिए प्रयास किया जाना जरूरी होता है। निमोनिया, छोटे बच्चों और बुजुर्गों में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से भी एक है।
World Pneumonia Day: अस्थमा और निमोनिया दोनों ही फेफड़े की समस्याएं, लक्षण भी एक जैसे, कैसे करें इनमें अंतर?
अस्थमा और निमोनिया की समस्या
अस्थमा और निमोनिया दो ऐसी बीमारियां हैं जो फेफड़ों को प्रभावित करती हैं। अस्थमा एक क्रोनिक स्थिति है, यह समय-समय पर वायुमार्ग में सूजन और संकुचन का कारण बनती है। अस्थमा का इलाज संभव नहीं है, लेकिन आप इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित जरूर कर सकते हैं।
वहीं निमोनिया फेफड़ों के संक्रमण की बीमारी है। यह एक या दोनों फेफड़ों में हो सकती है। इससे वायुकोषों में सूजन आ जाती है और फेफड़ों में तरल पदार्थ भी भर सकता है। निमोनिया का इलाज और उपचार संभव है। हालांकि इसके कारण छोटे बच्चों-बुजु्र्गों में मृत्यु का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
अस्थमा और निमोनिया का लिंक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को अस्थमा की दिक्कत होती है, उनमें निमोनिया होने का खतरा भी अधिक हो सकता है। यदि आपको अस्थमा है और आपको फ्लू हो गया है, तो आपके लक्षण और जटिलताएं बदतर हो सकती हैं। यदि आपको पहले से कोई क्रोनिक स्वास्थ्य समस्या भी है तो अस्थमा को नियंत्रित करना ज्यादा कठिन हो जाता है। आइए इन दोनों रोगों के लक्षण और इनमें अंतर के बारे में जानते हैं।
अस्थमा और निमोनिया के लक्षणों के बारे में जानिए
अस्थमा अटैक की स्थिति में खांसी, सीने में जकड़न और घरघराहट की दिक्कत देखी जाती है। यदि यह बढ़ता है, तो श्वास और पल्स रेट भी बढ़ने का जोखिम रहता है। फेफड़ों की कार्यक्षमता कम होने से सांस लेना मुश्किल हो सकता है। जब आप सांस लेते हैं तो आपको तेज सीटी की आवाज सुनाई दे सकती है।
वहीं निमोनिया की स्थिति में शुरू में आपको लग सकता है जैसे ये सिर्फ सामान्य सर्दी है। हालांकि जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, खांसी के साथ हरा, पीला या खूनी बलगम भी आ सकता है। निमोनिया में सिरदर्द, भूख में कमी, थकान, सीने में दर्द जो सांस लेने या खांसने पर बढ़ जाता है और इसके साथ बुखार भी होता है।
कैसे करें अस्थमा और निमोनिया में अंतर?
अस्थमा के कारण वायुमार्ग में सूजन और संकुचन हो सकता है। यह ब्रोन्किओल्स को प्रभावित करता है, जो फेफड़ों में वायुमार्ग हैं। हालांकि, निमोनिया एक तरह का संक्रमण है जो एक या दोनों फेफड़ों में होता है और न केवल ब्रोन्किओल्स बल्कि वायुकोषों में भी सूजन का कारण बनता है। अस्थमा के रोगियों को खांसी, घरघराहट और सीने में जकड़न के अलावा, अस्थमा के कारण सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। जबकि निमोनिया में खांसी के साथ फेफड़ों में संक्रमण भी हो जाता है जिसके कारण बलगम की समस्या होने लगती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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