वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य विकारों के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखना है तो आपके लिए जरूरी है कि मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए, बिना मन को स्वस्थ रखे शरीर को स्वस्थ नहीं रखा जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े देखें तो पता चलता है, दुनिया की अनुमानित 3.8% आबादी अवसाद का शिकार है, इसमें 5% वयस्क (पुरुषों में 4% और महिलाओं में 6%) और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 5.7% लोग शामिल हैं। मसलन दुनिया में लगभग 280 मिलियन (28 करोड़) से अधिक लोग डिप्रेशन से पीड़ित हैं।
World Mental Health Day: डिप्रेशन से बचने के लिए ये है 'सबसे कारगर दवा' वो भी फ्री, मन-शरीर दोनों रहेगा स्वस्थ
रनिंग की आदत डिप्रेशन से बचाएगी
डिप्रेशन से कैसे बचाव किया जा सकता है, इस बारे में किए गए एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया स्ट्रेस या डिप्रेशन से पीड़ित लोगों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार के लिए एंटीडिप्रेसेंट के उपयोग करने की तुलना में नियमित रूप से दौड़ना बेहतर विकल्प हो सकता है। एम्स्टर्डम स्थित व्रीजे विश्वविद्यालय के शोधकर्ता कहते हैं, रनिंग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने से न सिर्फ अवसाद रोगियों को लक्षणों में लाभ मिल सकता है साथ ही अगर आप इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं तो ये आपमें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिमों को कम करने में भी ये सहायक है।
अध्ययन में क्या पता चला?
यूरोपियन कॉलेज ऑफ न्यूरोसाइकोफार्माकोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, इस अध्ययन के लिए चिंता या अवसाद से पीड़ित 141 रोगियों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों को खुद से ही रनिंग थेरेपी या फिर अवसादरोधी दवाओं के बीच विकल्प को चुनने के लिए कहा गया। 141 रोगियों में से, 45 ने एंटीडिप्रेसेंट का विकल्प चुना, जबकि शेष 96 ने दौड़ना चुना। 16-सप्ताह के इस कार्यक्रम के चौंकाने वाले परिणाम सामने आए।
रनिंग करने वाले लोगों में दिखे अधिक लाभ
दोनों समूहों के लगभग 44% प्रतिभागियों ने अवसाद और चिंता दोनों के लक्षणों में सुधार महसूस किया। हालांकि रनिंग वाले समूह के प्रतिभागियों ने डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार के साथ वजन, कमर की चर्बी, रक्तचाप और हृदय कार्यों में भी सुधार का अनुभव किया।
शोधकर्ता कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में इस तरह की शारीरिक समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। इस आधार पर कहा जा सकता है कि जिस समूह ने रनिंग की उन्हें अधिक लाभ प्राप्त हुआ।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
इस साल की शुरुआत में प्रकाशित गैलप सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिका में करीब 30 फीसदी वयस्कों को अपने जीवनकाल में कभी न कभी अवसाद का सामना करना पड़ता है। डिप्रेशन का वैश्विक जोखिम बढ़ता जा रहा है, इसलिए जरूरी है कि हम उन उपायों को पालन में लाएं जिससे इस मनोरोग के खतरे को कम किया जा सके। रनिंग करना इसमें आपके लिए सबसे कारगर उपाय हो सकता है। भले ही आप मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, फिर भी रोजाना रनिंग की आदत बनाकर भविष्य में इसके खतरे को कम कर सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Running Parallels Antidepressants in Reducing Depression
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