मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही हैं। विशेषकर कोरोना महामारी के बाद से मनोरोग विकार के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के कारण कई प्रकार के शारीरिक स्वास्थ्य विकारों का भी जोखिम रहता है, कुछ मामलों में इसे उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों के गंभीर मामलों के लिए संभावित कारण भी पाया गया है। यही कारण है कि विशेषज्ञ सभी लोगों को संपूर्ण स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह देते हैं।
Mental Health Day: ये आदतें मानसिक स्वास्थ्य के लिए बन सकती हैं मुसीबत, आप भी तो नहीं कर रहे ऐसी गलतियां?
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नींद विकारों के कारण बढ़ रही है समस्या
अध्ययनकर्ताओं ने पाया है कि जिन लोगों की रात की नींद पूरी नहीं होती है, उनमें समय के साथ चिंता-तनाव और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में अधिक होता है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए अच्छी नींद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपके शरीर और दिमाग को आराम देती है।
नींद न आना आपके मूड, ऊर्जा के स्तर, प्रेरणा और मानसिक सेहत को प्रभावित कर सकता है। यदि आपको भी नींद से संबंधित दिक्कत है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। सभी वयस्कों को रात में 6-8 घंटे की नींद प्राप्त करना बहुत आवश्यक माना जाता है।
सोशल आइसोलेशन के दुष्प्रभाव
कोरोना महामारी के दौरान वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को सोशल आइसोलेशन की सलाह दी जाती थी, हालांकि अगर यह आपकी आदत बन गई है तो इसके भी मानसिक स्वास्थ्य पर कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। डॉक्टर्स आशुतोष कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए ताजी हवा में जाना और लोगों से मिलते-जुलते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। शोध में भी पाया गया है कि ताजी हवा में सांस लेना और सूरज के संपर्क में रहना आपके दिमाग के लिए अच्छा है। घर के अंदर रहने की आदत आपमें चिंता-तनाव जैसे विकारों के जोखिम को बढ़ा सकती है।
आहार में करें सुधार
मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में आहार की विशेष भूमिका होती है। जंक-प्रोसेस्ड फूड्स खाने की आदत आपके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। अक्सर जंक फूड खाने के बजाय, अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए फाइबर, विटामिन से भरपूर और साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। हम जिस प्रकार के आहार का सेवन करते हैं वह सीधे तौर पर हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।
स्क्रीन टाइम का बढ़ना खतरनाक
स्क्रीन टाइम यानी किसी भी प्रकार के स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की आदत आपके मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर तौर से प्रभावित कर सकती है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि स्क्रीन पर अधिक समय बिताने वाले लोगों में अवसाद, चिंता और ब्रेन फॉग जैसे विकारों और नकारात्मक भावनाओं के विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। मनोरोग विशेषज्ञ कहते हैं, इसी कड़ी में सभी लोगों को सोशल मीडिया से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए, बार-बार दिखने वाली नकारात्मक कंटेंट्स का मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।