कुष्ठ रोग, वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य समस्या रही है। बीमारी के बारे में लोगों में बढ़ी जागरूकता और उपचार की सहज उपलब्धता के चलते इसके मामलों में अब काफी कमी आई है। कुष्ठ रोग की व्यापकता 1980 के दशक में 50 लाख से अधिक मामलों से घटकर साल 2020 में 1.30 लाख के करीब रह गई है। हालांकि अब भी कई हिस्सों में ये रोग बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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घटी है रोगियों की संख्या
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनियाभर में कुष्ठ रोग से संक्रमित अधिकांश मामले अफ्रीका और एशिया में हैं। अमेरिका में हर साल लगभग 100 लोगों में इसका निदान किया जा रहा है। भारत में भी कुष्ठ बड़ी समस्या रही है। यहां साल 2014-15 में कुष्ठ रोग के 1,25,785 मामलों की तुलना में 2021-22 में यह घटकर 75,394 रह गई है। रोग को लेकर देश में चलाए गए व्यापक जागरूकता अभियान का सकारात्मक असर देखा जा रहा है।
कुष्ठ रोग के बारे में जानिए
कुष्ठ एक संक्रामक रोग है जो विशेषकर हाथ-पैर या त्वचा पर गंभीर विकृत घाव का कारण बनता है, कुछ लोगों में ये तंत्रिकाओं की क्षति का कारण भी बनता है। कुष्ठ रोग सदियों से चली आ रही बीमारी है, लेकिन यह बहुत संक्रामक नहीं होता है। अनुपचारित कुष्ठ रोग से पीड़ित किसी व्यक्ति की नाक और मुंह से निकलने वाली बूंदों के निकट और बार-बार संपर्क में आने के कारण ही इसका संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। वयस्कों की तुलना में बच्चों में कुष्ठ रोग होने की आशंका अधिक होती है।
कुष्ठ रोग के लक्षण और कारण
कुष्ठ रोग मुख्य रूप से त्वचा को प्रभावित करता है। कुछ लोगों में इसके कारण मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर की नसों से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं। मुख्य लक्षणों में विकृत रूप से त्वचा में घाव, गांठ या उभार हो सकते हैं। घावों में पीलापन अधिक देखा जाता है। रोग बढ़ने पर भौहें/पलकें गायब होने, दर्द, लालिमा और जलन की दिक्कत भी बढ़ जाती है।
कुष्ठ रोग धीमी गति से बढ़ने वाले माइकोबैक्टीरियम लेप्राई (एम. लेप्री) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है।
कुष्ठ का उपचार
कुष्ठ रोग का उपचार संभव है और ये इसके प्रकार पर निर्भर करता है। संक्रमण को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक्स का उपयोग किया जाता है, आमतौर पर 6 महीने से एक साल तक इलाज चल सकता है। हालांकि अगर रोगी को तंत्रिकाओं में क्षति की समस्या है तो इसके लिए अन्य उपचार को प्रयोग में लाया जाता है।
पिछले दो दशकों में इस बीमारी से पीड़ित 16 मिलियन (1.6 करोड़) लोग ठीक हो चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन कुष्ठ रोग से पीड़ित सभी लोगों का निःशुल्क उपचार प्रदान करता है।
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