इस वर्ष 2 मई को वर्ल्ड लॉफ्टर डे मनाया जा रहा है। वर्ल्ड लॉफ्टर डे हर साल मई में मनाया जाता है। इसकी तारीख बदलती रहती है क्योंकि मई माह में पड़ने वाले पहले रविवार को इस दिन का आयोजन होता है। कोरोना की दूसरी लहर ने वैसी ही लोगों के चेहरे को बुझा सा दिया है। ऐसे में लॉफ्टर डे के बहाने थोड़ा ही सही पर इन चेहरों को खिलाया जाए। खुद भी हंसे, साथ ही दूसरों को भी हंसने का मौका दें। अगली स्लाइड्स से जानिए लॉफ्टर डे और हंसी से जुड़ी कुछ रोचक बातें।
World Laughter Day 2021: जानिए विश्व लॉफ्टर दिवस का इतिहास एवं हंसी से जुड़ी रोचक बातें
वर्ल्ड लॉफ्टर डे का इतिहास
वर्ल्ड लॉफ्टर डे की शुरुआत भारत से ही हुई है। इसका श्रेय लॉफ्टर योग आंदोलन के संस्थापक डॉ. मदन कटारिया को जाता है। उन्होंने ही 11 जनवरी 1998 को मुंबई में पहली बार वर्ल्ड लॉफ्टर डे मनाया गया था। इसे मनाने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य यह था कि समाज में बढ़ते तनाव को कम करना। दैनिक दिनचर्या के कारण लोगों के जीवन में हंसने के मौके कम होते जा रहे हैं। ऐसे में 1998 में सोचा गया कि क्यों न ऐसा कुछ किया जाए जिसके बहाने ही लोग एक दूसरे से बात कर थोड़ी देर के लिए ही सही पर हंस लें।
हंसने के फायदे
यदि आप अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं तो दिन में ज्यादा से ज्यादा हंसने के मौके खोजिए। ऐसा करने से आपकी नींद का बंदोबस्त हो जाएगा। हंसने से शरीर में मेलेटोनिन का उत्पादन होता है जो कि दिमाग द्वारा रिलीज होने वाला ऐसा हार्मोन है जो कि अच्छी नींद का प्रबंध करता है। हंसने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है जो कि आज के समय में बहुत जरूरी है।
वे लोग जिन्होंने हमें खूब हंसाया
ऐसे कई सारे कॉमेडियन भारत में पैदा हुए हैं, जिन्होंने हमें पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर कर दिया है। जाफेद जाफरी, जॉनी लीवर, महमूद, जॉनी वॉकर, राजेंद्रनाथ, असरानी, राजपाल यादव बड़े पर्दे के ऐसे नाम है कि जब-जब उन्होंने अभिनय किया लोग अपने सारे गम भूला बैठे और जोर-जोर से खिलखिलाने लगे। ये सभी वे लोग जिन्होंने अपने जीवन में ऐसा नहीं है कि कभी बुरा समय न देखा हो, लेकिन सदा हंसते -हंसाते रहने के इनके शौक ने इनको अलग पहचान दिला दी।
हास्य से जुड़े मशहूर विचार
हंसी के बिना बिताया हुआ दिन बर्बाद किया हुआ दिन है।
- चार्ली चैपलिन
खुद पर हँसना सीखना बेहद जरूरी है।
-कैथरीन मैंसफील्ड
हंसी दो लोगों के बीच की सबसे कम दूरी है।
-विक्टर बोर्ज
वो जो हँसता है, लम्बा जीता है।
-मैरी पेटिबोन पूल