हाल के वर्षों में जिस तरह से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और इससे मौत के मामले बढ़ते हुए देखे गए हैं, ये किशोरों से लेकर वयस्कों और बुजुर्गों तक सभी के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। मसलन किसी भी उम्र वाले को दिल की बीमारियों से सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। जेन-जी (14 से 29 वर्ष) को विशेषज्ञ खास तौर पर इस खतरे को लेकर सावधानी बरतते रहने की सलाह दे रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से इस उम्र वाले लोगों की दिनचर्या और खान-पान बिगड़ती जा रही है इसने जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है।
विश्व हृदय दिवस: जेन-जी की इस आदत को डॉक्टर्स ने बताया दिल के लिए खतरनाक, बीपी-हार्ट रेट दोनों बढ़ने का खतरा
World Heart Day 2026: दिल की सेहत के लिए एक्सरसाइज और संतुलित खान-पान के साथ पर्याप्त नींद भी जरूरी है। ज्यादातर वयस्कों को हर रात 7 से 9 घंटे की जरूरी नींद नहीं मिल पा रही है। लगातार कम या खराब नींद ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, मोटापा और हृदय रोग के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
एक्सरसाइज और खान-पान की तरह नींद भी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एक्सरसाइज, खान-पान, वजन और ब्लड प्रेशर को लेकर तो हम सभी अलर्ट रहते हैं, लेकिन नींद को अक्सर लोग अब भी उतनी गंभीरता से नहीं लेते। देर रात तक जागना, रोज कम सोना या सप्ताहभर की नींद की कमी को छुट्टी वाले दिन पूरा करने की कोशिश करना शरीर के लिए अच्छा नहीं है। नींद के दौरान शरीर को बस आराम ही नहीं मिलता, बल्कि कई जरूरी शारीरिक प्रक्रियाएं भी चलती रहती हैं।
- अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय स्वास्थ्य के लिए नींद बहुत जरूरी है। वयस्कों को हर रात औसतन 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लेनी चाहिए, हालांकि ज्यादातक जेन-जी आबादी इसमें चूक रही है जिससे खतरा बढ़ सकता है।
नींद की कमी से क्या दिक्कतें होती हैं?
नींद की कमी या नींद में खराबी के कारण हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर, मोटापा बढ़ने का खतरा रहता है जो हृदय रोग के जोखिमों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
- अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, पर्याप्त नींद हृदय और दिमाग दोनों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
- नींद के दौरान शरीर में कोशिकाओं, ऊतकों और रक्त वाहिकाओं की मरम्मत जैसी प्रक्रियाएं होती हैं।
- अगर आप रोजाना 5-6 घंटे ही सो रहे हैं और दिनभर थकान महसूस करते हैं तो खतरे का संकेत हो सकता है। लगातार अच्छी नींद न लेने वालों में हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर और वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है।
नींद पूरी न होना तो नुकसानदायक है ही, साथ ही रात में बार-बार नींद टूटना, 7-8 घंटे बिस्तर पर रहने के बावजूद सुबह तरोताजा महसूस न करना और सोने-जागने का समय लगातार बदलते रहना भी संकेत है कि आप अच्छी नींद नहीं ले रहे हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, अच्छी नींद का मतलब ये नहीं कि आप कितने घंटे सोते हैं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, समय और नियमितता भी महत्वपूर्ण है।
क्या है डॉक्टर की सलाह?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर वयस्कों में देखा जा रहा है कि सोमवार से शुक्रवार तक की प्रभावित नींद को वे रविवार को ज्यादा सोकर पूरी करने की कोशिश करते हैं, जबकि इसके कोई लाभ नहीं हैं। अच्छी सेहत के लिए रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं।
- सोने से पहले मोबाइल और दूसरे स्क्रीन उपकरणों का इस्तेमाल कम करें, कमरे को शांत और अंधेरा रखें।
- रात में भारी भोजन या बहुत ज्यादा कैफीन वाली चीजें लेने से बचें।
- अगर पर्याप्त समय देने के बावजूद नींद ठीक नहीं आती या दिनभर अत्यधिक नींद रहती है तो डॉक्टर से सलाह लें।
- कम उम्र से ही नींद पर ध्यान देकर आप दिल की सेहत को ठीक रख सकते हैं।
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स्रोत:
How does sleep affect your heart?
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