What is Broken Heart Syndrome: हमारी फिल्मों और साहित्य में अक्सर दिल को हमारी हर भावना का केंद्र माना जाता है। खुशी में 'दिल बाग-बाग हो जाता है' और किसी गहरे दुख में 'दिल टूट जाता है'। आमतौर पर हम इसे केवल एक मुहावरा मानते हैं, लेकिन ये सिर्फ मुहावरे तक सीमित नहीं है। आपने देखा होगा जब भी किसी को बड़ा सदमा लगता है, जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु, ब्रेकअप या बड़े वित्तीय घाटे के बाद सीने अचानक दर्द होने लगता है। ऐसी स्थिति को 'ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम' कहते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
World Heart Day 2025: क्या है 'ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम', आखिर ब्रेकअप के बाद अचानक सीने में दर्द क्यों होता है?
- अक्सर ऐसा होता है कि जब लोगों को कोई बड़ा नुकसान होता है या कोई सदमा लगता है तो उनके सीने में दर्द होने लगता है हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
- इसका सबसे अच्छा उदाहरण है रिलेशनशिप में लोगों का ब्रेकअप होना। ऐसी स्थिति को ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहते हैं, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
क्या होता है ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में?
जब कोई व्यक्ति अत्यधिक भावनात्मक या शारीरिक तनाव से गुजरता है, तो शरीर में अचानक स्ट्रेस हॉर्मोन (जैसे एड्रेनालाईन) का स्तर बहुत बढ़ जाता है। ये हॉर्मोन दिल की मांसपेशियों, विशेष रूप से दिल के मुख्य पंपिंग चैंबर को अस्थायी रूप से 'स्तब्ध' या कमजोर कर देते हैं। इससे दिल का आकार गुब्बारे की तरह फूल जाता है और उसकी खून पंप करने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ होती है।
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हार्ट अटैक जैसे होते हैं लक्षण
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इसके लक्षण एक वास्तविक हार्ट अटैक से लगभग मिलते-जुलते हैं। मरीज को सीने में अचानक तेज दर्द (एनजाइना), सांस लेने में गंभीर तकलीफ और कभी-कभी जबड़े या बांह तक फैलने वाले दर्द का अनुभव हो सकता है।
यह समानता इतनी अधिक होती है कि व्यक्ति के लिए यह समझना असंभव हो जाता है कि उसे हार्ट अटैक आया है या यह सिंड्रोम है। इसीलिए, ऐसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और बिना कोई जोखिम लिए तत्काल मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।
हार्ट अटैक और इसमें क्या है मुख्य अंतर?
एक क्लासिक हार्ट अटैक का मुख्य कारण धमनियों में ब्लॉकेज होता है, जिससे दिल के हिस्से में खून की सप्लाई रुक जाती है। वहीं ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में मरीज की धमनियां ब्लॉक नहीं होती हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर एंजियोग्राम जैसी जांच से यह पता लगाते हैं कि धमनियों में कोई रुकावट नहीं है या दिल का एक हिस्सा अस्थायी रूप से कमजोर हो गया है।
यह सिंड्रोम पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है। अच्छी बात यह है कि यह आमतौर पर एक अस्थायी स्थिति है और ज्यादातर मरीज कुछ दिन या हफ्तों में पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। डॉक्टर दिल पर तनाव कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए दवाएं देते हैं। यह स्थिति हमें सिखाती है कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी हमारे दिल के लिए उतना ही जरूरी है।
स्रोत और संदर्भ
Broken heart syndrome
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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