शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखकर आप कई प्रकार की बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। कोरोना महामारी की शुरुआत से ही सभी लोगों को इम्युनिटी को मजबूत बनाने वाले उपाय करते रहने की सलाह दी जाती रही है। आमतौर पर माना जाता रहा है कि जिन लोगों को इम्युनिटी कमजोर होती है, उनमें फ्लू या कोविड-19 जैसे वायरल संक्रमण के अलावा कई प्रकार के बैक्टीरियल संक्रमण होने का भी खतरा रहता है। पर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के जोखिम यहीं तक सीमित नहीं है, ये स्थिति आपमें और भी कई तरह की दिक्कतों का कारण बन सकती है।
World Health Day 2024: संक्रमण के अलावा कमजोर इम्युनिटी के हो सकते हैं ये भी नुकसान, कैंसर का भी खतरा
संक्रमण और इसके कारण होने वाली समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, तो इसका मतलब यह है कि आपका शरीर संक्रमण या वायरस से ठीक तरीके से मुकाबला नहीं कर पाता है। ये कोरोना जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों के खतरे को तो बढ़ा ही देती है साथ ही अध्ययनों में बताया गया है कि इम्युनिटी की समस्या वाले लोगों में कुछ प्रकार के कैंसर का भी खतरा अधिक हो सकता है।
आइए इस बारे में जानते हैं।
कोविड-19 और इसका खतरा
सार्स-सीओवी-2 वायरस के संक्रमण के कारण होने वाली कोविड-19 बीमारी का खतरा पिछले चार साल से बना हुआ है। वैक्सीनेशन और हर्ड इम्युनिटी के चलते भले ही कोविड-19 के गंभीर रोगों का खतरा अब काफी कम हो गया है पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए कोरोना का संक्रमण अब भी गंभीर रोगजनक हो सकता है।
नए वैरिएंट्स के कारण रिपोर्ट किए जा रहे मौत के अधिकतर मामले वालों में लो इम्युनिटी की दिक्कत देखी जाती रही है।
सर्वाइकल कैंसर का जोखिम
इम्युनिटी की कमजोरी की समस्या सिर्फ कोविड-19 ही नहीं सर्वाइकल जैसे गंभीर कैंसर के खतरे को भी बढ़ा देती है। एचपीवी वायरस के संक्रमण के कारण होने वाले इस कैंसर का जोखिम कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों में अधिक देखा जाता रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उनका शरीर एचपीवी संक्रमण का मुकाबला नहीं कर पाता है। एचपीवी संक्रमण के लगातार बने रहने के कारण उन लोगों में भी कैंसर के बढ़ने की आशंका अधिक होती है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
मम्प्स का खतरा
मम्प्स के मामले पिछले कुछ समय से देशभर में तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में इस संक्रामक रोग के मामले अधिक देखे जा रहे हैं। पैरामाइक्सोवायरस नामक वायरस के समूह के कारण होने वाले इस संक्रामक रोग में पैरोटिड ग्रंथियों में गंभीर और दर्दनाक सूजन हो जाती है। इससे रोगी के गाल और जबड़ा सूज जाता है। वैसे तो इस रोग से पीड़ित अधिकांश लोग दो सप्ताह के भीतर पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। हालांकि कमजोर इम्युनिटी वाले कुछ लोगों में इसके गंभीर रूप लेने और संक्रमण के कारण बहरेपन का भी खतरा हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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