डायबिटीज रोग पिछले कुछ दशकों में बड़ा स्वास्थ्य जोखिम बनकर उभरा है। बच्चों से लेकर युवा और वयस्कों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोग इस रोग के शिकार पाए जा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में 500 मिलियन (50 करोड़) से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और अगले 30 वर्षों में यह संख्या दोगुनी से अधिक 130 करोड़ तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
World Diabetes Day 2023: हर साल बढ़ रहे हैं डायबिटीज के मरीज, सुरक्षित रहना है तो इन जोखिम कारकों से करें बचाव
अधिक वजन होना आपके लिए खतरनाक
अधिक वजन या मोटापे को कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारक माना जाता रहा है, ये मधुमेह होने के खतरे को भी बढ़ा देता है। अध्ययनों में पाया गया है कि आप कभी भी वजन कम करने के प्रयासों के साथ डायबिटीज के खतरे को भी कम कर सकते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि के अलावा शरीर के वजन के 5 से 10% कम करने से भी मधुमेह विकसित होने का खतरा काफी कम हो सकता है।
शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहते हैं तो भी जोखिम
शारीरिक निष्क्रियता प्री-डायबिटीज और टाइप-2 मधुमेह दोनों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। नियमित शारीरिक गतिविधि इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मदद करती है। इसका मतलब है कि आपका शरीर अपने स्वयं के इंसुलिन का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर पाता है। सप्ताह में कम से कम पांच दिन 30 मिनट व्यायाम का लक्ष्य मधुमेह और हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है।
शोध में पाया गया है कि जिन लोगों के दिन का अधिकतर समय बैठे-बैठे बीत जाता है उनमें डायबिटीज होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
आहार की बड़ी भूमिका
डायबिटीज से बचाव में आहार की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। सही मात्रा में स्वस्थ भोजन आपके लिए महत्वपूर्ण है। जो लोग ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम (नमक), रेड और प्रोसेस्ड मीट, कार्बोहाइड्रेट और मीठे खाद्य-पेय पदार्थों का सेवन अधिक करते हैं उनमें डायबिटीज होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
इस रोग के खतरे को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ फल और सब्जियां, साबुत अनाज, पोल्ट्री-मछली, नट और सीड्स से भरपूर आहार के सेवन की सलाह देते हैं।
शराब और धूम्रपान आपके दुश्मन
शराब और धूम्रपान से न केवल लिवर और फेफड़े की समस्या बढ़ती है, ये आपमें डायबिटीज का भी प्रमुख जोखिम कारक है। शराब के अधिक सेवन से अग्न्याशय में सूजन हो सकती है और पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने की इसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। शराब लिवर को नुकसान पहुंचाती है जो इंसुलिन के उत्पादन के लिए आवश्यक है।
इसी तरह से धूम्रपान के कारण शरीर में इंफ्लामेशन का खतरा बढ़ जाता है, जिससे डायबिटीज और इसकी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।