रक्तदान को महा दान कहा जाता है। ब्लड डोनेट करके आप किसी को नया जीवन तो देते ही हैं, साथ ही कई बीमारियों को दूर भी भगा सकते हैं। भारत में हर साल 1 करोड़ ब्लड यूनिट की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर कोई ब्लड डोनेट नहीं करेगा तो ये भरपाई कहां से होती? इसलिए रक्तदान जरूर करें। बहुत सारे लोगों को लगता है कि ब्लड डोनेट करने के बाद शरीर में कमजोरी आ जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है। ब्लड डोनेट करने के 21 दिन बाद यह दोबारा बन जाता है।
World Blood Donor Day: रक्तदान करने से पहले बिल्कुल न करें ये चीजें, हो सकता है नुकसान
-सबसे पहली बात जो आपको ब्लड डोनेट करते समय ध्यान में रखना चाहिए वह यह कि आप रक्त दान करने के योग्य हैं भी या नहीं।
-इसके बाद ब्लड टेस्ट करवाएं जिससे यह मालूम हो सके कि आपका ब्लड हेल्दी है या नहीं। हेल्दी ब्लड के लिए खून में हीमॉग्लोबिन का लेवल कम से कम 12.5 पर्सेंट होना चाहिए।
-जिन लोगों को किसी तरह का संक्रमण नहीं है वो ही रक्तदान कर सकते हैं।
-अगर आप हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या फिर डायबीटीज के मरीज हैं तो रक्तदान न करें।
-जिन महिलाओं का मिसकैरेज हुआ उन्हें छह महीने तक ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए।
-अगर आप रक्तदान करने का सोच रहे हैं तो एक दिन पहले से स्मोक करना बंद कर दें। इसके अलावा रक्तदान करने के तीन घंटे बाद ही धुम्रपान करें।
-रक्तदान करने के बाद हर तीन घंटे में हैवी डाइट लें। इसमें आप ज्यादा से ज्यादा हैल्दी खाना ही लें। आप चाहि तो फल खा सकते हैं।
-रक्तदान करने के 12 घंटे बाद तर आप हैवी एक्सरसाइज न करें। खून देने के तुरंत बाद गर्मजोशी अच्छी नहीं होती। पहले अपने शरीर में खून के संचार तो नार्मल होने दें।
-रक्तदान करने से 48 घंटे पहले से शराब का सेवन बंद कर दें। अगर आपने 48 घंटों के बीच शराब का सेवन किया है तो आप ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं।
-एक बार में किसी के शरीर से भी 471 एमल से ज्यादा रक्त नहीं लिया जा सकता।