एड्स, एचआईवी वायरस से फैलने वाली बीमारी है। इसका इलाज अभी तक संभव नहीं हो पाया है, लेकिन इससे बचाव संभव है। असुरक्षित यौन संबंध इसकी सबसे बड़ी वजह है। कुछ सावधानियां बरती जाए तो इसे रोका जा सकता है। विश्व एड्स दिवस पर आइए जानते हैं इसके कारण, लक्षण और बचाव के बारे में विस्तार से:
विश्व एड्स दिवस 2019: एचआईवी की चपेट में 3.5 करोड़ आबादी, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव
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एचआईवी एड्स क्या है, दुनिया में क्या है स्थिति
एड्स एक गंभीर बीमारी है जो मानव इम्यूनोडिफीसिअन्सी वायरस (HIV) के संक्रमण के कारण होती है। जानकर आश्चर्य होगा कि दुनियाभर में कुल 3.8 करोड़ लोग एचआईवी की चपेट में हैं। साल 2010 तक एंटीरिट्रोवायरल थेरेपी लेने वालों की संख्या 70 लाख थी, जबकि वर्तमान में 2.4 करोड़ लोग यह थेरेपी ले रहे हैं। 80 लाख लोगों को पता भी नहीं है कि वे एचआईवी प्रभावित हैं।
इस बीमारी में एचआईवी वायरस व्यक्ति के इम्यून सिस्टम यानी कि प्रतिरक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर देता है। एचआइवी संक्रमण बढ़ता चला जाए तो यह एड्स में तब्दील हो जाता है। दो साल पहले तक देश में 21 लाख लोग एचआइवी की चपेट में थे। वर्तमान में यह आंकड़ा बढ़ चुका है। तब, 88 हजार लोग एड्स संक्रमित पाए गए थे और तब तक एड्स की वजह से 69 हजार लोगों की मौत हो चुकी थी।
- वजन घटना
- शरीर में लाल चकत्ते होना
- रात में पसीना आना
- गला सूखना
- मांसपेशियों में दर्द
- बार-बार बुखार आना, ठंड लगना
- असुरक्षित यौन संबंध इसका सबसे बड़ा कारण है
- अगर पार्टनर एचआईवी संक्रमित हुआ तो यह खतरा बढ़ जाता है
- एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने से भी यह बीमारी फैलती है
- संक्रमित ऑर्गन किसी व्यक्ति को ट्रांसप्लांट करने से
- एचआईवी पॉजिटिव महिला से उसके बच्चे को इस बीमारी का खतरा रहता है
- एक बार इस्तेमाल की जानी वाली सुई के दुबारा इस्तेमाल करने से
- इन्फेक्टेड ब्लेड का प्रयोग करने से