अगर हमारे हाॅर्मोन संतुलित नहीं हैं तो इसका प्रभाव हमारे शरीर व हमारे व्यवहार में दिखने लगता है, हालांकि हम अक्सर कारण से अनजान होते हैं। मूड में बदलाव, रोशनी के लिए संवेदनशीलता, ऑयली त्वचा और बाल, कुछ खाने का मन न करना, नींद न आना, चिंता, तनाव और चिड़चिड़ापन ये सब हाॅर्मोनल बदलावों के संकेत हो सकते हैं। महिलाओं में हाॅमोनल संतुलन बदलने की संभावनाएं अधिक होती हैं, खासतौर पर जब वे गर्भवती हों, तनाव में हों या विशेष उम्र के बाद महिलाओं में हाॅर्मोनल संतुलन बदलने लगता है। लेकिन हाॅर्मोन्स को फिर से सामान्य करना कोई मुश्किल बात नहीं। अगली स्लाइड्स से जानिए कुछ ऐसे तरीके, जिनके द्वारा आप प्राकृतिक तरीकों से अपने हाॅर्मोन्स को संतुलित रख सकती हैं।
इन आसान प्राकृतिक तरीकों से महिलाएं अपने हार्मोन्स को रखें संतुलित, कम होंगे मूड स्विंग्स
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योगासन व व्यायाम
योग / नियमित व्यायाम के फायदों को नकारा नहीं जा सकता। इससे शरीर में बेहतर सर्कुलेशन बनता है, एंडोर्फिन रिलीज़ होते हैं, शरीर का वजन सामान्य बना रहता है और दिल का स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। व्यायाम एक व्यक्ति के लिए प्राकृतिक दवा है। इससे शरीर में कोर्टिसोल की मात्रा कम होती है और तनाव दूर करने में मदद मिलती है। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट के लिए हल्का एरोबिक व्यायाम करें।
डेयरी उत्पादों का सेवन सोच समझ कर करें
डेयरी उत्पाद पोषकों का अच्छा स्रोत हैं। हालांकि अगर आप सेक्स हाॅर्मोनों को लेकर चिंतित हैं तो आपको डेयरी उत्पादों खासतौर पर योगहर्ट और क्रीम के सेवन से पहले दो बार सोचना चाहिए। एक अध्ययन से पता चला है कि डेयरी उत्पादों के सेवन से कुछ विशेष हाॅर्मोंन्स का स्तर कम हो जाता है। अध्ययनों में योगहर्ट एवं क्रीम तथा एनोवुलेटरी साइकल के बीच का संबंध भी बताया गया है।
अलसी के बीज का सेवन करें
अलसी के बीज अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनमें फाइबर, लिगनान, ओमेगा-3 फैटी एसिड पर्याप्त मात्रा में होता है, ये ब्लड शुगर और दिल के स्वास्थ्य को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं। अनुसंधानों से साफ हो गया है कि वे महिलाएं जो अपने आहार में अलसी के बीज का सेवन करती हैं,उनके प्रोजेस्टेराॅन और एस्ट्रोजन स्तर में सुधार आता है। जो महिलाओं में हाॅर्मोनों का संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है।
जब आप सो रहे होते हैं तो दिमाग शरीर को डिटाॅक्सिफाय करता है। इसलिए रोजाना कम से कम आठ घण्टे की नींद जरूर लें। इससे शरीर में कोर्टिसोल, मेलाटोनिन, सोमाट्रोपिन हाॅर्मोन संतुलित रहते हैं। हमेशा अंधेरे कमरे में सोंएं जहां फोन, लैपटाॅप या टीवी स्क्रीन की नीली रोशनी न हो। यदि नींद आपकी लंबे समय से अच्छे से नहीं हो पा रही है तो यह आपके लिए समस्या का विषय है।
चिकित्सकीय परामर्श
डॉ श्रीविद्या नंदकुमार, सीनियर नेचुरोपैथ
जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट