इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। कई राज्यों में दैनिक तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। इस तरह की गर्मी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक मानते हैं। तेज गर्मी, हाई ब्लड प्रेशर से लेकर डायबिटीज और आंखों की समस्याएं बढ़ाने वाली हो सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इन दिनों में धूप में जाने से बचने और सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह देते हैं।
जानना जरूरी: कुछ लोगों को क्यों लगती है बहुत ज्यादा गर्मी? कहीं आप भी उनमें से तो नहीं, जानिए इसके कारण
शरीर के तापमान के बारे में समझिए
हमारे शरीर का सामान्य तापमान आमतौर पर 98.6°F (37°C) रहता है। यह लोगों में उम्र, कार्य जैसी स्थितियों के आधार पर भिन्न भी हो सकता है। हमारा शरीर स्वत: तापमान को नियंत्रित भी करता रहता है, पर कुछ स्थितियों में इसके बढ़ने का खतरा रहता है जिसके कारण आपको अधिक गर्मी लगने का एहसास हो सकता है। ऐसे कई कारण हो सकते हैं जिसके चलते आपको दूसरों की तुलना में अधिक गर्मी लगने की समस्या हो सकती है।
मेडिकल विशेषज्ञ बताते हैं कि हमारे शरीर की रक्त संचार प्रणाली, तापमान का मुख्य नियामक है। जब आप गर्म महसूस करते हैं, तो रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं ताकि उनमें से अधिक रक्त प्रवाहित हो सके। इससे त्वचा में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे अतिरिक्त गर्मी निकल जाती है। इसी तरह जब आप ठंडा महसूस करते हैं, तो रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं।
मतलब अगर इस परिसंचरण की प्रक्रिया में कोई समस्या हो जाती है तो वह इस बात को प्रभावित कर सकती है कि हमें किस हद तक गर्म या ठंडा महसूस हो सकता है? आइए जानते हैं कि किन कारणों से ऐसा होने का जोखिम रहता है?
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
वाशिंगटन, डीसी में क्लिनिकल न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट माइकल लिंच कहते हैं, यदि आप तनावग्रस्त हैं, तो आपका ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जिससे रक्त आपके शरीर के मुख्य अंगों की ओर तेजी से बढ़ने लग जाता है, इससे आपको गर्म महसूस हो सकता है। इसके अलावा मसालेदार भोजन, कैफीन और अल्कोहल भी हमारे हृदय गति को बढ़ा सकते हैं, जिससे हमें अधिक गर्मी और पसीना आता है।
हमारे शरीर का आकार यानी शेप और साइज भी इसके लिए जिम्मेदार है कि हम तापमान का अनुभव कैसे करते हैं? कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी ऐसा हो सकता है।
बॉडी फैट और कुछ बीमारियां भी हो सकती हैं कारण
शोध से यह भी पता चलता है कि महिलाओं के शरीर का मुख्य तापमान अक्सर पुरुषों की तुलना में अधिक होता है और जब शरीर गर्म होता है, तो ठंडी हवा और भी ठंडी महसूस होती है।
यहां तक कि लोगों के शरीर भले ही एक आकार के हों पर शरीर में फैट की मात्रा अलग-अलग हो सकती है और यह प्रभावित करती है कि हम दूसरों की तुलना में कितना ठंडा या गर्म महसूस करते हैं। शरीर में फैट की मात्रा जितनी अधिक होती है, उतनी ही अधिक गर्मी महसूस होती है। हाइपोथायरायडिज्म, जिसे अंडरएक्टिव थायरॉयड के रूप में भी जाना जाता है इसके कारण भी आपको तापमान महसूस करने में भिन्नता का अनुभव हो सकता है। पेरिफेरल आर्टरी डिजीज और एनीमिया के शिकार लोगों में भी ये समस्याएं हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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