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महिलाओं के लिए ही क्यों बनी हैं गर्भनिरोधक गोलियां?

Tue, 29 Oct 2019 10:29 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क,अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क,अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Tue, 29 Oct 2019 10:29 AM IST
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why Contraceptive pills only available for female not for male
दुनिया भर के वैज्ञानिक लगभग आधी सदी से पुरुषों के इस्तेमाल के लिए गर्भनिरोधक जैसी गोली विकसित करने पर काम कर रहे हैं।इससे जुड़ी कई बेहतरीन रिपोर्ट तो देखने को मिलती हैं लेकिन अभी भी इन गोलियां मेडिकल स्टोर्स तक नहीं पहुंच पाई हैं।पैसों की कमी और पुरुषों की उदासीनता की वजह से इन गोलियों का उत्पादन बड़े पैमाने पर नहीं हो पाया। इसके अलावा अभी भी महिलाओं से ही यह उम्मीद की जाती है कि गर्भ न ठहरने की ज़िम्मेदारी वो उठाएं।हालांकि कई रिसर्च से यह पता चला है कि अगर पुरुषों के लिए ऐसी गोलियां होतीं तो पुरुष आसानी से उसे स्वीकार कर लेते।ब्रिटेन में सेक्शुअली सक्रिय लोगों में एक तिहाई लोगों ने माना है कि वे गोली या फिर प्रत्यारोपण की तकनीक के इस्तेमाल से संतान उत्पति पर अंकुश का रास्ता अपनाना चाहते हैं। मौजूदा समय में ब्रिटेन में लगभग एक तिहाई महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं।

 
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किसकी ज़िम्मेदारी गर्भनिरोध
सर्वे में शामिल 10 में से आठ लोगों का मानना है कि गर्भनिरोध किसी एक की ज़िम्मेदारी नहीं है इसे महिला और पुरुष दोनों को आपस में शेयर करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, अमरीका में 18 से 44 साल के आयुवर्ग के सेक्शुअल सक्रिय लोगों में 77 प्रतिशत लोगों ने पुरुष नसबंदी और कंडोम के बदले किसी अन्य तरीके वाले निरोधक के इस्तेमाल में दिलचस्पी दिखाई है। ऐसे में सवाल यही उठता है कि सार्वजनिक तौर पर इतनी स्वीकार्यता मिलने और लैंगिक भूमिका से छुटकारा मिलने के बाद क्या पुरुषों के लिए निरोधक गोलियां वास्तविकता बन पाएंगी?
 
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दुनिया भर में गर्भनिरोध का सबसे आम तरीका क्या है?
संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन के मुताबिक दुनियाभर में सेक्शुअली सक्रिय कपल्स में से एक तिहाई कपल्स किसी भी तरीके के गर्भनिरोध का इस्तेमाल नहीं करते। इसके साथ ही जो कपल्स गर्भनिरोध का इस्तेमाल करते हैं, उनमें महिलाओं द्वारा गर्भनिरोधक अपनाने का चलन ज़्यादा है। शादीशुदा या सेक्शुअल संबंध रखने वाली महिलाओं में करीब 19 प्रतिशत महिलाएं गर्भनिरोध के लिए नसबंदी पर भरोसा करती हैं, 14 प्रतिशत महिलाओं क्वाइल का इस्तेमाल करती हैं जिसे कॉपर टी भी कहा जाता है, नौ प्रतिशत महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों और पांच प्रतिशत महिलाएं इंजेक्शन का इस्तेमाल करती हैं। पुरुषों से जुड़े गर्भनिरोधक के जो तरीके मौजूद हैं, उनका चलन पुरुषों में बेहद कम है। महज आठ प्रतिशत पुरुष कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, जबकि दो प्रतिशत पुरुष नसबंदी कराते हैं।
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- फोटो : Injection
गर्भनिरोधक गोलियों से पहले क्या होता था?

गर्भनिरोधक गोलियों से पहले, पुरुषों को गर्भनिरोध की प्रक्रिया में शामिल होना होता था, उदाहरण के लिए उन्हें कंडोम इस्तेमाल करना होता था। 1960 के दशक में जब महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक गोलियां बड़े पैमाने पर तैयार होने लगीं तब गर्भनिरोध का फ़ैसला महिलाओं के नियंत्रण हो गया। महिलाएं यह काम अपने सेक्शुअल पार्टनर को बिना बताए भी कर सकती थीं। आज, दुनियाभर में 10 करोड़ से ज़्यादा महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां इस्तेमाल करती हैं। यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में यह गर्भनिरोध का सबसे प्रचलित तरीका है।वहीं अफ्ऱीका, लैटिन अमरीका और उत्तरी अमरीका में गर्भनिरोधक गोलियां गर्भनिरोध का दूसरा सबसे प्रचलित तरीका है। जबकि एशिया में यह तीसरा सबसे प्रचलित तरीका है। पिछले कुछ दशक में गर्भनिरोधक गोलियों के चलते महिलाओं की ज़िंदगी थोड़ी आसान हुई है। वे अपनी सुविधा से यह तय कर पा रही हैं कि वे कब मां बनना पसंद करेंगी। इससे उन्हें उच्च शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में फ़ायदा भी हुआ है। यह भी एक वजह है जिसके चलते इसे महिला अधिकारों की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जाता है। वैसे इसकी गिनती 20वीं शताब्दी के सबसे महान आविष्कारों में होती है।

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- फोटो : pixa
महिला-पुरुष बराबरी
समाज में जेंडर समानता की बात बढ़ रही है, उसका दायरा विस्तृत हो रहा है। तब यह बात खटकती है कि गर्भनिरोध से संबंधित दुष्प्रभावों के अलावा भावनात्मक, सामाजिक, वित्तीय और समय से संबंधित चुनौतियों का सामना केवल महिलाओं को ही करना पड़ रहा है। ऐसे में, हम लोगों के पास अभी तक पुरुषों वाली गर्भनिरोधक गोलियां क्यों नहीं है? महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक गोलियों की जब खोज हुई, उसके एक दशक के भीतर ही ये आम लोगों के लिए उपलब्ध हो गईं थीं। पुरुषों की गोलियों के बाज़ार में पहुंचने में इतना लंबा वक्त क्यों लग रहा है, जबकी इसका पहला ट्रायल 1970 में हो गया था। कुछ वैज्ञानिकों का दावा है कि पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का विकास करने की प्रक्रिया महिलाओं की गर्भनिरोधक गोलियों की तुलना में कहीं ज़्यादा जटिल है।
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