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विशेषज्ञ से जानें: क्या 'भरोसेमंद' नहीं है RT-PCR टेस्ट? रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद क्यों संक्रमित पाए जा रहे हैं लोग?

Tue, 20 Apr 2021 02:59 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 20 Apr 2021 02:59 PM IST
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Why are people COVID infected after reports come negative, RT-PCR Test
कोरोना की जांच बेहद जरूरी - फोटो : iStock

डॉ. अमनदीप सिंह


डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनल मेडिसिन, एम्स के

डॉ. प्रियरंजन
इंटेंसिव केयर कंसलटेंट, उजाला सिग्नस

Medically Reviewed by Dr. Amandeep and Dr. Priyaranjan

कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों ने लोगों के मन में चिंता व्याप्त कर दी है। ऐसे वक्त में सबसे जरूरी हो जाता है कि लक्षण दिखते ही जांच कराई जाए जिससे आप स्वयं के साथ दूसरे लोगों को भी सुरक्षित कर सकें। लेकिन क्या कोरोना की जांच के परिणामों पर भरोसा किया जा सकता है? ऐसा सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि हाल फिलहाल कई ऐसे मामले भी देखने को मिले हैं जहां कोरोना की रिपोर्ट तो निगेटिव आती है लेकिन व्यक्ति में लक्षण मौजूद रहते हैं। इतना ही नहीं अन्य दूसरे जांच के आधार पर डॉक्टर संक्रमण की पुष्टि भी कर रहे हैं।
तो क्या यदि आपका आरटीपीसीआर टेस्ट नकारात्मक है तो भी आप कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं? आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानते हैं। 

Why are people COVID infected after reports come negative, RT-PCR Test
कोरोना जांच अनिवार्य - फोटो : PTI

डॉक्टर आरटीपीसीआर टेस्ट को कोरोना संक्रमण के परीक्षण के लिए 'गोल्ड स्टैंडर्ड' मानते रहै हैं। लेकिन कई मामलों में देखने को मिला है कि आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद, अन्य दूसरे जांच जैसे सीटी स्कैन या छाती के एक्स-रे के आधार पर लोगों को कोरोना से संक्रमित पाया गया है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या कोविड के नए वैरिएंट्स आरटीपीसीआर टेस्ट को मात दे रहे हैं?

Why are people COVID infected after reports come negative, RT-PCR Test
जांच का तरीका सही होना जरूरी - फोटो : social media

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से एक बातचीत के दौरान उजाला सिग्नस के इंटेंसिव केयर कंसलटेंट डॉ. प्रियरंजन कहते हैं कि आरटीपीसीआर टेस्ट को काफी प्रमाणित माना जाता है। जांच की रिपोर्ट सही न आने का एक कारण यह भी हो सकता है कि सैंपल लेने का तरीका सही न रहा हो। इसमें नाक और गले के काफी अंदर से स्वैब लेने की सलाह दी जाती है। स्वैब लेने के दौरान अगर आप असहज महसूस नहीं करते हैं तो संभव है कि सैंपल सही से न लिया गया हो। 

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Why are people COVID infected after reports come negative, RT-PCR Test
जांच कराना जरूरी, लेकिन समय पर - फोटो : PTI

रिपोर्ट सही न आने के क्या कारण हो सकते हैं?
रिपोर्ट सही न आने के कारणों के बारे में कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार देखा गया है कि लोग संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के कुछ ही समय में परीक्षण करवा लेते हैं। इस कारण से भी कई लोगों के रिपोर्ट सही नहीं आते हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के लगभग पांच दिनों के बाद यदि आपको लक्षण दिख रहे हों तो ही जांच करना चाहिए।

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Why are people COVID infected after reports come negative, RT-PCR Test
कोरोना वायरस जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

वायरल लोड का कम होना
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आरटी-पीसीआर परीक्षण में वायरल लोड अधिक नहीं है, तो भी परीक्षण की रिपोर्ट नकारात्मक आ सकती है। कई मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि आज टेस्ट कराने में रिपोर्ट निगेटिव आई हो लेकिन फिर कुछ दिनों के बाद अगर टेस्ट कराया जाए तो संक्रमण की पुष्टि हो जाती है। 

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