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Covid-19: कई देशों में फिर से मुसीबतें बढ़ा रहा है कोरोना का ये वैरिएंट, डब्ल्यूएचओ ने किया आगाह

Sat, 12 Mar 2022 01:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 12 Mar 2022 01:57 PM IST
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WHO warns for Deltacron Covid-19, Coronavirus New Variant Symptoms in Hindi
कई देशों में बढ़े डेल्टाक्रॉन संक्रमण के मामले - फोटो : Pixabay

दो साल से अधिक समय से पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण की चपेट में है। वैश्विक स्तर पर मौजूदा समय में वैसे तो संक्रमण की रफ्तार कम है, हालांकि कुछ देशों में स्थिति अभी भी चिंताकारक बनी हुई है। हालिया रिपोर्ट में चीन में संक्रमण की दर में एक बार फिर से उछाल देखा गया है, इसके चलते चांगचुन शहर के औद्योगिक केंद्र में लॉकडाउन लगाया गया है। यहां कोरोना मामलों में आई इस तेजी की वजह ओमिक्रॉन वैरिएंट को माना जा रहा है। वहीं एक अऩ्य रिपोर्ट में यूरोपीय देशों में डेल्टा और ओमाइक्रोन वैरिएंट के संयोजन 'डेल्टाक्रॉन' ने लोगों की समस्याओं को बढ़ा दिया है।



विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया कि फ्रांस, नीदरलैंड और डेनमार्क जैसे देशों ने डेल्टाक्रॉन के मामलों को लेकर सूचना दी है। कोरोना के एक सबसे संक्रामक और एक सबसे घातक माने जा रहे वैरिएंट का संयोजन, लोगों में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन देशों में फिलहाल संक्रमण का रफ्तार कम है उन्हें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना के कई वैरिएंट्स को अब भी सक्रिय पाया जा रहा है। आइए आगे की स्लाइडों में  डेल्टाक्रॉन के संभावित खतरे के बारे में जानते हैं।

WHO warns for Deltacron Covid-19, Coronavirus New Variant Symptoms in Hindi
कोरोना की जांच में सामने आ रहे हैं डेल्टाक्रॉन के केस - फोटो : Pixabay

डेल्टाक्रॉन कर रहा है लोगों को संक्रमित
कैलिफ़ोर्निया स्थित लैब हेलिक्स में अमेरिकी शोधकर्ता ने 22 नवंबर से 13 फरवरी तक के बीच एकत्र किए गए 29,719 कोरोनावायरस पॉजिटिव सैंपल्स की जांच की। वैज्ञानिकों ने पाया कि ज्यादातर लोगों में दो वैरिएंट्स के संक्रमण का संयोजन पाया गया। सैंपल में डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट के जेनेटिक मैटेरियल्स पाए गए। शोधकर्ताओं ने पाया कि यूरोपीय देशों में संक्रमण के शिकार रह चुके ज्यादातर लोगों में एक साथ दो वैरिएंट्स का असर देखने को मिल रहा है। 

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डेल्टा-ओमिक्रॉन के संयोजन ने बढ़ाई चिंता - फोटो : Pixabay

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
फ्रांसीसी वैज्ञानिक और अध्ययन के प्रमुख लेखक फिलिप कोलसन कहते हैं, कुछ देशों में सार्स-सीओवी-2 वायरस के दो वैरिएंट्स का समान अवधि के दौरान संक्रमण पाया जा रहा है। इसने इन दो प्रकारों के बीच पुनर्संयोजन के अवसर पैदा किए हैं। यह वायरल कॉम्बिनेशन संक्रमण के समय कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के जोखिमों को बढ़ा सकते हैं। इस संबंध में विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

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वायरल कॉम्बिनेशन बढ़ा सकती है मुश्किलें - फोटो : Pixabay

क्या संक्रामक हो सकता है डेल्टाक्रॉन?
इससे पहले दुनियाभर के वैज्ञानिकों का दावा था कि वायरल कॉम्बिनेशन के मामले अत्यंत दुर्लभ हैं। इसके कोई ऐसे पुख्ता सबूत नहीं थे जिसके आधार पर  इसके अस्तित्व को साबित किया जा सके। हालांकि डब्ल्यूएचओ द्वारा की गई घोषणा और हाल के निष्कर्षों के अनुसार वैज्ञानिकों का कहना है कि हम संबंध में सोचने को मजबूर हैं। डब्ल्यूएचओ में तकनीकी नेतृत्व  मारिया वान केरखोव कहती हैं, वैसे तो इसके कारण संक्रमण की गंभीरता जैसे सबूत तो नहीं मिले हैं, हालांकि इस संबंध में विस्तृत अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है।

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कई देशों में रफ्तार पकड़ रहे हैं कोरोना के मामले - फोटो : iStock

वायरस के प्रसार को रोकने पर जोर
डॉ मारिया वान कहती हैं, वायरल कॉम्बिनेशन के मामले अत्यंत दुलर्भ माने जाते हैं, हालांकि समय के साथ इसमें बदलाव देखा जा रहा है। फिलहाल डराने वाली बात यह है कि संक्रमण की रफ्तार कई हिस्सों में अधिक देखी जा रही है। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कोविड उपयुक्त उपायों का पालन करना सबसे अच्छा विकल्प है। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और हाथों की उचित स्वच्छता का पालन करना घातक वायरस के खिलाफ हमारी लड़ाई का अभिन्न अंग है। सभी लोगों को इसपर विशेष ध्यान रखे जाने की आवश्यकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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