भारत में इस बीमारी का खतरा अभी भी बना हुआ है। हाल ही में जारी वैश्विक चेचक और रूबेला रिपोर्ट बताती है कि भारत में साल 2018 में 56,399 चेचक के मामले और 1,066 रूबेला के मामले दर्ज हुए हैं। जहां श्रीलंका ने इन दोनों ही बीमारियों के वायरस को पूरी तरह से खत्म कर दिया है, वहीं भारत में बच्चों में दोनों ही बीमारियों का खतरा बरकरार है। दरअसल, ये दोनों ही बीमारियां फैलने वाली बीमारियां हैं। टीके के बावजूद खसरा का खतरा दुनियाभर में तीन गुना बढ़ गया है।
सावधान! टीके के बावजूद पूरे विश्व में तीन गुना बढ़ा 'खसरा' का खतरा
लाइफस्टाइल डेस्क
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Wed, 14 Aug 2019 12:13 PM IST
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