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कोरोना का कहर: इस खतरनाक वैरिएंट की चपेट में आ चुके हैं ज्यादातर देश, भारत की चिंता हुई दोगुनी

Fri, 24 Sep 2021 06:34 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Fri, 24 Sep 2021 06:34 PM IST
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delta variant of covid spreading rapidly, know why india is in more danger
कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने बढ़ाई मुश्किल - फोटो : iStock

कोरोना वायरस पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से दुनियाभर के लिए गंभीर समस्या का कारण बना हुआ है। इस बीच हाल के अध्ययनों में सामने आए नए वैरिएंट्स को स्वास्थ्य विशेषज्ञ और भी खतरनाक और संक्रामक मान रहे हैं। कई वैरिएंट्स पर किए गए अध्ययनों में यह भी पता चला है कि यह शरीर में बनी एंटीबॉडीज को आसानी से चकमा देकर लोगों को दोबारा संक्रमित कर सकते हैं। नए वैरिएंट्स को भारत में दूसरी लहर का कारण बने डेल्टा वैरिएंट से भी ज्यादा संक्रामक और खतरनाक माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टेक्निकल लीड मारिया वैन कर्खोव ने हाल ही में एक बयान में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट्स को लेकर चिंता जताते हुए इससे विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।


डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि समय के साथ डेल्टा वैरिएंट का संक्रमण दुनिया के तमाम देशों में बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं यह वैरिएंट भी अब पहले से कहीं ज्यादा संक्रामक हो चुका है। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को दुनिया के लिए गंभीर चिंता का कारण मानते हुए इससे बचाव के उपायों को प्रयोग में लाते रहने की सलाह दी है। डेल्टा के अलावा कोरोना के कई अन्य वैरिएंट्स भी दुनिया के लिए बड़ी समस्या बन सकते हैं। आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं।

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कोरोना वायरस का भारत में कहर - फोटो : iStock

भारत के लिए स्थिति और हो सकती है चिंताजनक
एक ओर जहां दुनियाभर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट बड़ी मुसीबतों का कारण बना हुआ है, वहीं विशेषज्ञ भारत के लिए स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बता रहे हैं। असल में भारत में आई दूसरी लहर के पीछे कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को मुख्य कारण माना जा रहा है। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि देश में डेल्टा वैरिएंट का म्यूटेटेड रूप, 'डेल्टा प्लस' देखने को मिला है। डेल्टा प्लस को अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक माना जा रहा है जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 

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डेल्टा प्लस वैरिएंट है ज्यादा संक्रामक - फोटो : Pixabay

तीसरी लहर का बन सकता है कारण
कई रिपोर्टस में दावा किया गया है कि कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट देश में तीसरी लहर का कारण बन सकता है। सबसे पहले महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामले सामने आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक डेल्टा वैरिएंट का यह म्यूटेटेड स्वरूप कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य जटिताएं पैदा कर सकता है। भारत के अलावा दुनिया के आठ देशों यूके, पुर्तगाल, स्विटजरलैंड, पोलैंड, जापान, नेपाल, चीन और रूस ने भी डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामलों की पुष्टि की है। 

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कोरोना के नए वैरिएंट हैं ज्यादा संक्रामक (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay

कोरोना के नए वैरिएंट्स अधिक संक्रामक
कोरोना के बदलते स्वरूपों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने कई ऐसे नए वैरिएंट्स के बारे में बताया है जो मूल कोरोना वायरस की तुलना में कहीं अधिक संक्रामक हो सकते हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने कोरोना के साउथ अफ्रीकन वैरिएंट सी.1.2 के बारे में अलर्ट किया है। इसी साल मई में सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में देखा गया यह वैरिएंट  अब कई अन्य देशों में फैल चुका है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना का साउथ अफ्रीकन वैरिएंट शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देकर संक्रमण फैलाने की क्षमता रखता है। 

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नए वैरिएंटस से रहें विशेष सावधान - फोटो : Pixabay

म्यू वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता
कोरोना के नए म्यू वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ ने चिंता जाहिर करते हुए इसे बेहद संक्रामक बताया है। स्वास्थ्य संगठन ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में वर्गीकृत किया है। म्यू को लेकर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि यह वैरिएंट भी प्रतिरक्षा प्रणाली को मात देकर लोगों को संक्रमित कर सकता है। इससे होने वाला संक्रमण मूल वायरस की तुलना में ज्यादा गंभीर हो सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
 

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