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देश में इस समय मानसून का मौसम चल रहा है। चिलचिलाती गर्मी और धूप वाले मौसम के बाद मानसून का समय सभी के लिए काफी राहत देने वाला होता है। हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि से इस मौसम को विशेषज्ञ बीमारियों के लिए काफी संवेदनशील भी मानते हैं। माना जाता है कि तमाम तरह के रोग पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों के लिए यह मौसम काफी अनुकूल होता है, इसलिए मानसून के समय में लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के मौसम में स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक रखने के लिए सभी लोगों को संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। इस मौसम में खान-पान में लापरवाही भारी पड़ सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि मानसून के समय में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई ऐसी चीजों के सेवन को मना करते हैं जिन्हें सामान्य दिनों में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। आइए इस लेख में जानते हैं, मानसून के समय में आपको किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किन चीजों को खाने से बचना चाहिए?
विशेषज्ञ से जानिए: मानसून में क्यों नहीं करना चाहिए हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन? क्या खाएं-क्या नहीं
हरी पत्तेदार सब्जियों को न खाएं
पूरे साल सभी लोगों को हरी पत्तेदार सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन्हें पोषक तत्वों का पावरहाउस कहा जाता है। लेकिन बरसात के मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञ इनका सेवन न करने की सलाह देते हैं। आहार विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में नमी के कारण पत्तेदार सब्जियों के पत्ते कीटाणुओं के लिए एक आदर्श प्रजनन स्थल बन जाते हैं। यही कारण है कि बरसात के मौसम में इन पत्तेदार सब्जियों को न खाने की सलाह दी जाती है। इस मौसम में पालक, पत्ता गोभी और फूलगोभी जैसी सब्जियों को नहीं खाना चाहिए।
पानी की सफाई का रखें विशेष ख्याल
आहार और पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के समय में स्वस्थ रहने के लिए बेहद जरूरी है, साफ पानी पीना। बारिश के मौसम में पानी के दूषित होने का खतरा अधिक होता है, ऐसे पानी पीने से पेट में इंफेक्शन, कालरा, डायरिया और टाइफाइड जैसे रोगों का खतरा बहुत बढ़ जाता है। ऐसे में पानी को उबालकर पीना सबसे सुरक्षित माना जाता है। सुनिश्चित करें कि जिस बर्तन में पानी पी रहे हों, या पानी रखा हो वह अच्छी तरह से साफ हो।
तली-भुनी चीजों से करें परहेज
बरसात के मौसम में पकौड़े और समोसे किसे नहीं पसंद होते हैं लेकिन बहुत अधिक तैलीय और मसालेदार खाना खाने से पेट फूलने या गैस का खतरा इस मौसम में बढ़ जाता है। बरसात के मौसम में मेटाबॉलिज्म अपेक्षाकृत धीमा हो जाता है, जिस वजह से पेट से जुड़ी समस्याएं बहुत अधिक हो सकती हैं। मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण पेट के लिए भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करना भी मुश्किल हो जाता है, ऐसे में मानसून में हल्की चीजें ज्यादा खानी चाहिए, जिससे उनके पाचन में कोई दिक्कत न होने पाए।
सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं मसाले
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मसाले, एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं। आहार में हल्दी, काली मिर्च और लौंग जैसे मसालों को शामिल करके मानसून के मौसम में सर्दी और फ्लू संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा यह मसाले, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में भी मदद करते हैं। भोजन को अच्छी तरह से पकाकर और ताजा ही खाएं। मानसून के समय में बासी खाना खाने से बीमारियों का खतरा हो सकता है।
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नोट: यह लेख आहार और पोषण विशेषज्ञ अर्चना सेठी के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। अर्चना, लखनऊ की जानी-मानी पोषण विशेषज्ञ हैं।
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