'प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर' यह कहावत आपने जरूर सुनी होगा, जिसका मतलब होता है कि किसी बीमारी-समस्या के बढ़ने से पहले उसकी रोकथाम कर लेना बहुत आवश्यक होता है। सेहत के मामले में इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। डॉक्टर कहते हैं, कुछ बीमारियों में शुरू में बरती गई लापरवाही या नजरअंदाजगी गंभीर समस्याकारक हो जाती है। जबकि अगर समय रहते सही निदान और उपचार हो जाए तो न सिर्फ आप बड़े खर्च से बच जाते हैं, साथ ही गंभीर जटिलताओं का जोखिम भी कम होता है। यही कारण है कि सभी लोगों को नियमित रूप से हेल्थ टेस्ट कराते रहने की सलाह दी जाती है।
World Health Day 2023: विशेषज्ञों की सलाह- 30 की आयु के बाद कराएं नियमित हेल्थ टेस्ट, ये जांच सभी के लिए जरूरी
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर डॉ अमरेंद्र भाटिया (इंटेंसिव केयर एक्सपर्ट) कहते हैं, जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली, शरीर के अंगों की कार्यक्षमता कम होने लगती जाती है। इसके साथ कई प्रकार की बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगता है। नियमित रूप से चिकित्सकीय सलाह लेना और स्वस्थ रहने के लिए कुछ परीक्षण कराते रहना यहां आवश्यक हो जाता है।
कई बीमारियों का अगर समय पर निदान और इलाज हो जाए तो इसके गंभीर रूप लेने का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है। 30 की आयु के बाद नियमित जांच कराते रहना सभी के लिए जरूरी है।
कौन-कौन से टेस्ट कराएं?
पिछले दो-तीन दशक में डायबिटीज और हृदय रोगियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसके अलावा कोरोना महामारी के बाद हृदय स्वास्थ्य की जटिलताओं के मामले अधिक रिपोर्ट हो रहे हैं। नियमित ब्लड टेस्ट, कोलेस्ट्रॉल स्क्रीनिंग और रक्तचाप की जांच भविष्य में किसी भी गंभीर बीमारी को रोकने में मदद कर सकती है।
हर छह महीने पर शुगर की जांच (HbA1c) के साथ कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर कराते रहें। यह डायबिटीज-हृदय रोगों के जोखिमों को जानने में मदद करेगी।
महिलाएं विशेष ध्यान दें
भारत में महिलाओं में एनीमिया की समस्या बहुत आम है जो समय के साथ कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। हर छह महीने पर हीमोग्लोबिन के स्तर की जांच जरूर कराएं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हृदय रोगों और इसके कारण मौत का खतरा अधिक होता है। कोलेस्ट्रॉल, लिपिड टेस्ट, ब्लड प्रेशर की जांच आपमें समय रहते इसके जोखिमों को पहचानने और उससे बचाव के लिए सहायक हो सकता है।
थाइरॉइड और अन्य जांच
देश में 40-50 की आयु तक जाते-जाते अधिकतर लोग थाइरॉइड की समस्या के शिकार हो जाते हैं, यह विकार संपूर्ण शरीर के लिए हानिकारक है। समय-समय पर थाइरॉइड की जांच कराना और उससे बचाव के उपाय करते रहना आवश्यक है। इसके अलावा किडनी-लिवर फंक्शन टेस्ट कराके आप पाचन और उससे संबंधित रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं।
आपकी सेहत के हिसाब से कौन-कौन से जांच आवश्यक हैं, इसके बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह ले लें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।