कोरोना के जारी संक्रमण के बीच देश में पिछले एक महीने से इन्फ्लूएंजा के वैरिएंट H3N2 के बढ़ते मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। आमतौर पर हल्के लक्षणों वाला माना जाने वाला इन्फ्लूएंजा इस बार लोगों के लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बन रहा है। अध्ययनों में पाया गया है कि H3N2 वैरिएंट, गंभीर रोग का कारण बन सकता है, इसका सबसे ज्यादा जोखिम बच्चों में और उन लोगों में देखा जा रहा है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। इस संक्रमण में लोगों को बुखार के साथ सर्दी-जुकाम, सिर-शरीर में दर्द के साथ कुछ लोगों को सांस की समस्या हो रही है। आमतौर पर इसी तरह की दिक्कत कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान भी होती है।
जानना जरूरी: कोविड-19 और H3N2, दोनों के लक्षण लगभग एक जैसे, जानिए कैसे करें इनमें अंतर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
H3N2 के बारे में जानिए
H3N2, इन्फ्लुएंजा-ए वायरस का सबटाइप है जो इन्फ्लूएंजा संक्रमण का कारण बनता है। हालांकि सामान्य इन्फ्लूएंजा संक्रमण की तुलना में इससे संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने की आशंका अधिक होती है। गंभीर मामलों में इसके कारण मृत्यु का खतरा भी हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोमोरबिडिटी वाले लोगों को इससे विशेष बचाव की आवश्यकता है। ऐसे लोगों में H3N2 और कोरोना, दोनों प्रकार के संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। आइए जानते हैं कि दोनों के लक्षणों में किस प्रकार से अंतर किया जा सकता है?
H3N2 के लक्षण
एच3एन2 से संक्रमित लोगों में लगभग उसी प्रकार के लक्षण देखे जा रहे हैं जैसे कि अब तक सामान्य इन्फ्लूएंजा संक्रमण में होते रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों में लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक हो सकता है। संक्रमितों में तेज बुखार के साथ थकान-सुस्ती, शरीर में दर्द, गले में खराश, खांसी, सर्दी-जुकाम और गंभीर स्थितियों में सांस की दिक्कतें हो सकती हैं। इस तरह की समस्या कुछ समय से बनी हुई है तो डॉक्टर से संपर्क करें।
कोरोना संक्रमण के लक्षण
पिछले तीन साल में कोरोना के कई वैरिएंट्स का संक्रमण देखा गया है। इनसे संक्रमित ज्यादातर लोगों में बुखार, गले में खराश, सर्दी, सिरदर्द-शरीर में दर्द और थकान की समस्या देखी गई। कुछ स्थितियों में कोरोना संक्रमितों ने पाचन तंत्र और श्वसन प्रणाली से संबंधित समस्याओं के बारे में भी सूचित किया गया। हालांकि नए वैरिएंट्स में स्वाद-गंध न आने जैसी दिक्कतें नहीं देखी जा रही हैं।
कोविड-19 और H3N2 में कैसे अंतर करें?
वैसे तो कोविड-19 और H3N2, दोनों अलग-अलग प्रकार के वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है, पर चूंकि ये दोनों संक्रमण श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहे हैं, ऐसे में दोनों से संक्रमित रोगियों में कई लक्षण मिलते-जुलते हो सकते हैं। इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 दोनों के कारण बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, शरीर में दर्द और नाक बहने की समस्या हो सकती है।
चिकित्सकों ने बताया कि H3N2 वायरस, फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित नहीं करता है जबकि कोविड-19 के शिकार अधिकांश रोगियों में फेफड़ों से संबंधित दिक्कतें देखी जाती रही हैं। स्वाद-गंध जाने की समस्या कोविड-19 को H3N2 से अलग बनाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दोनों में अंतर करने का प्रमाणिक तरीका इसकी जांच है।
दोनों प्रकार के संक्रमण से बचाव के लिए भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। मास्क पहनने, साबुन और सैनिटाइजर से बार-बार हाथ धोते रहने से असानी से बचाव किया जा सकता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।