हाई ब्लड शुगर की समस्या भले ही लोगों में आम होती जा रही है पर ये सेहत के लिए बहुत खतरनाक मानी जाती है। जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर सामान्य से अधिक बना रहता है उनमें कई बार की बीमारियों, जैसे हृदय रोग, किडनी की समस्या, मेटाबॉलिज्म की दिक्कतें देखी जाती हैं।
Blood Sugar: ब्लड शुगर टेस्ट करने का सही समय क्या है? सही रेंज भी जानिए ताकि डायबिटीज रहे कंट्रोल
- डॉक्टर कहते हैं, एक बार डायबिटीज हो जाने पर आपको जीवनभर इसके मैनेजमेंट की जरूरत पड़ती है। नियमित जांच से समय रहते बढ़ी हुई शुगर की स्थिति पकड़ में आ जाती है, इससे जटिलताएं होने से पहले रोकथाम की जा सकती है।
- डायबिटीज के मरीजों के लिए फास्टिंग शुगर और पोस्ट मील शुगर जांच जरूरी है।
कब करनी चाहिए शुगर की जांच
डॉक्टर कहते हैं, एक बार डायबिटीज हो जाने पर आपको जीवनभर इसके मैनेजमेंट की जरूरत पड़ती है। नियमित जांच से समय रहते बढ़े हुई शुगर की स्थिति पकड़ में आ जाती है, इससे जटिलताएं होने से पहले रोकथाम की जा सकती है।
अमर उजाला से बातचीत में एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ शेखर साहिनी बताते हैं, डायबिटीज के मरीजों के लिए फास्टिंग शुगर और पोस्ट मील शुगर जांच जरूरी है।
सुबह नाश्ते से पहले शुगर चेक करने से समझा जा सके कि आपका शरीर रातभर में ग्लूकोज का प्रबंधन कैसे करता है। वहीं भोजन के 1-2 घंटे बाद जांच से पता चलता है कि आपका भोजन शरीर में ब्लड शुगर को कैसे प्रभावित करता है।
शुगर की जांच जरूरी
डॉ शेखर कहते हैं, शुगर के लेवल पर निगरानी रखना केवल रीडिंग की बात नहीं है। इसे एक फीडबैक टूल की तरह से देखा जाना चाहिए जो शरीर को बेहतर ढंग से समझने, बेहतर भोजन विकल्प चुनने और हृदय रोग, किडनी की समस्याओं और तंत्रिकाओं में होने वाली दिक्कतों से बचने में मदद करता है।
अगर आपका शुगर लेवल अक्सर सामान्य से अधिक बना रहता है तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेकर इलाज कराएं। जितनी जल्दी इलाज शुरू होता है, डायबिटीज के कारण होने वाली समस्याओं का खतरा उतना ही कम होता है।
शुगर लेवल कितना होना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फास्टिंग शुगर लेवल (भोजन से पहले) 80-100 मिग्रा/डीएल, वहीं भोजन के बाद 140 मिग्रा/डीएल से कम होना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह पर हर तीन महीने में HbA1c टेस्ट भी कराते रहना चाहिए, ये 7% से कम होना चाहिए।
मोटापा के शिकार, दिनभर बैठकर काम करने वाले या जिनके माता-पिता को डायबिटीज की दिक्कत रही है उन्हें शुगर लेवल की नियमित जांच कराते रहने की सलाह दी जाती है।
ग्लूकोमीटर या HBA1C टेस्ट, ब्लड शुगर की जांच में कौन सा ज्यादा भरोसेमंद?
आपके मन में भी अगर सवाल रहता है कि शुगर की जांच के लिए कौन सा टेस्ट सबसे भरोसेमंद होता है? ग्लूकोमीटर या HBA1C टेस्ट तो इस बारे में डॉक्टरों का कहना है कि ग्लूकोमीटर से आप रोज शुगर की स्थिति जान सकते हैं, ये रीडिंग नोट करने में मददगार है और उस दिन शुगर का स्तर बताता है। वहीं HbA1c टेस्ट से बीमारी की सटीक जानकारी मिलती है। तीन महीने के औसत शुगर लेवल से जाना जा सकता है कि आपके डायबिटीज की स्थिति क्या है? डायबिटीज के मरीजों को हर तीन महीने में डॉक्टर HbA1c टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। विस्तार से जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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