स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर में होने वाली समस्याओं का अगर समय रहते पता चल जाए और उसका इलाज हो जाए तो गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कई बीमारियों के लक्षण दिखने में तो काफी सामान्य से होते हैं, पर अगर समय रहते उनकी पहचान और इलाज न हो तो इससे बड़े खतरे हो सकते हैं।
Lupus Risk: चेहरे पर हो गए हैं तितली के आकार के चकत्ते? कहीं इस खतरनाक बीमारी की चपेट में तो नहीं हैं आप
Lupus Disease Kya Hai: कुछ लोगों में जन्म से ही ल्यूपस होने का खतरा होता है। कुछ प्रकार के इन्फेक्शन, कुछ दवाएं या यहां तक कि सूरज की रोशनी भी इस स्थिति को ट्रिगर कर सकती है। कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हो गए हैं?
ल्यूपस की समस्या के बारे में जानिए
ल्यूपस जोड़ों, त्वचा, किडनी, ब्लड सेल्स, दिमाग, दिल और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है।
- किसी को ल्यूपस है या नहीं इसका पता लगाना आमतौर पर मुश्किल होता है क्योंकि इसके लक्षण अक्सर दूसरी बीमारियों जैसे ही होते हैं। ल्यूपस का सबसे आम लक्षण चेहरे पर होने वाले रैशज हैं, जो दोनों गालों पर तितली के पंखों जैसे दिखते हैं।
- धूप में जाने पर यह रैश और भी गाढ़े रंग के दिख सकते हैं। हालांकि ल्यूपस से पीड़ित हर किसी को रैशज हो ये भी जरूर नहीं है।
ल्यूपस और इसके खतरे
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कुछ लोगों में जन्म से ही ल्यूपस होने का खतरा होता है। कुछ प्रकार के इन्फेक्शन, कुछ दवाएं या यहां तक कि सूरज की रोशनी भी इस स्थिति को ट्रिगर कर सकती है। ज्यादातर मामलों में ल्यूपस को गठिया, स्किन एलर्जी या वायरल संक्रमण मानकर इलाज किया जाता रहा है, क्योंकि इस रोग के लक्षण इससे काफी मिलते-जुलते होते हैं।
- विशेषज्ञों के अनुसार ल्यूपस संक्रामक बीमारी नहीं है और न ही यह सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है।
- इसके पीछे आनुवंशिक कारण, हार्मोनल बदलाव और पर्यावरणीय कारकों की भूमिका मानी जाती है।
- महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा देखा गया है।
ल्यूपस की पहचान के लिए क्या करें?
ल्यूपस के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। जैसा कि ऊपर बताया गया कि इसमें त्वचा पर लाल रैशेज, जोड़ों में दर्द और सूजन, लगातार थकान बनी रहती है।
- कई मरीजों के चेहरे पर नाक और गालों के आसपास तितली के आकार का लाल चकत्ता दिखाई देता है।
- इसके अलावा बाल झड़ना, मुंह में छाले, सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द भी इसके संकेत हो सकते हैं।
- कुछ मरीजों में हाथ-पैर की उंगलियां ठंड में सफेद या नीली पड़ जाती हैं।
- यदि बीमारी किडनी तक पहुंच जाए तो पेशाब में प्रोटीन बढ़ जाता है। शरीर में सूजन और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
ल्यूपस से बचाव कैसे किया जा सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ल्यूपस को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही जीवनशैली और सावधानियों से इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।
- विशेषज्ञ सूर्य की तेज रोशनी से बचने, सनस्क्रीन इस्तेमाल करने और शरीर को आराम देने की सलाह देते हैं।
- संतुलित आहार, नियमित हल्का व्यायाम और तनाव कम करना भी महत्वपूर्ण है।
- धूम्रपान और शराब से बचना चाहिए क्योंकि ये सूजन को बढ़ा सकते हैं।
- ल्यूपस के मरीजों को नियमित चेकअप कराते रहना चाहिए ताकि किडनी और अन्य अंगों को किसी डैमेज से बचाया जा सके।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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