हृदय रोग, दुनियाभर में मृत्यु का प्रमुख कारण रहे हैं। आंकड़े बताते हैं, हर साल कोरोनरी हार्ट डिजीज (सीएचडी) लगभग 382,820 लोगों की मौत का कारण बनती है। जिस तरह से लोगों की लाइफस्टाइल खराब होती जा रही है, हृदय रोगों का खतरा और भी बढ़ गया है। कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं।
Heart Health: हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक दोनों अलग-अलग समस्याएं, जानिए कैसे करें इनमें अंतर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के बारे में जानिए
आपके हृदय में रक्त का सामान्य प्रवाह बाधित हो जाने के कारण हार्ट अटैक होता है। इसका मतलब है कि इस हिस्से के ऊतकों को जीवित रहने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। दिल के दौरे का अगर तुरंत इलाज नहीं किया जाता है, तो इससे हृदय के ऊतक क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
वहीं हार्ट फेलियर तब होती है जब आपका हृदय, शरीर के अंगों और ऊतकों की जरूरतों के मुताबिक पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता है। धमनियों के संकरा हो जाने के कारण इस तरह की दिक्कत होती है।
कैसे होते हैं इसके लक्षण?
हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। दिल के दौरे (हार्ट अटैक) में मुख्य रूप से आपको सीने में दर्द होता है। दर्द हल्के से लेकर गंभीर तीव्रता वाला हो सकता है। यह छाती पर दबाव या निचोड़ने की अनुभूति जैसा महसूस कराता है। इसके अलावा आपके हाथों, कंधों, गर्दन या जबड़े में भी इसके कारण दर्द हो सकता है। कुछ लोगों को सांस लेने में कठिनाई, बहुत पसीना आने, सिर चकराने जैसी दिक्कतों का भी अनुभव हो सकता है।
वहीं हार्ट फेलियर की स्थिति में सांस की तकलीफ होना मुख्य लक्षण है। जब हृदय पूरे शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति नहीं कर पाता है, तो फेफड़ों को अतिरिक्त ऑक्सीजन लेने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। हार्ट फेलियर की स्थिति में कमजोरी या थकान के साथ सांस लेने में दिक्क्त, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, नाखून या होंठ का रंग नीला होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कैसे जानें आपको क्या दिक्कत है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जो लोग लंबे समय से हृदय रोगों के शिकार रहे हैं, उन्हें इन जोखिमों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। हार्ट अटैक में जबड़ों, हाथों में दर्द होना काफी सामान्य है जबकि हार्ट फेलियर में सांस की तकलीफ को प्रमुख कारण माना जाता है। इन संकेतों के आधार पर आप शरीर की समस्याओं का अंदाजा लगा सकते हैं।
हृदय को स्वस्थ रखने वाले उपाय जैसे- जीवनशैली को ठीक रखना, आहार का स्वस्थ और पौष्टिक होना आपको हृदय रोग और इसकी जटिलताओं से बचा सकता है। अध्ययनकर्ता कहते हैं, अगर आपको हार्ट की कोई भी समस्या है तो शराब-धूम्रपान बिल्कुल छोड़ दें, इन दोनों के कारण आपमें हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर जैसी समस्याओं के विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।