लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, पर ये कहना गलत नहीं होगा कि लिवर की सेहत सबसे ज्यादा खतरे में भी है। लाइफस्टाइल और खान-पान संबंधी गड़बड़ियों ने लिवर के लिए दिक्कतें काफी बढ़ा दी हैं। ये अंग भोजन को ऊर्जा में बदलने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने से लेकर खून को साफ करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य करता है।
Liver Diseases: तला-भुना खाना ही नहीं ये चीजें भी डाल रही हैं लिवर को खतरे में, हो जाइए सावधान
लोग अक्सर सोचते हैं कि केवल तला-भुना खाना ही लिवर का दुश्मन है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा जटिल है। लाइफस्टाइल की भी कई गड़बड़ियां आपकी लिवर के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
फैटी लिवर का बढ़ता खतरा
मेडिकल रिपोर्ट्स पर गौर करें तो पता चलता है कि फैटी लिवर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुकी है। पहले इसे केवल शराब पीने वालों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं जिन्होंने जीवन में कभी शराब नहीं पी। इसकी सबसे बड़ी वजह बदलता खान-पान और बिगड़ती जीवनशैली है।
- लिवर की बीमारियों का जिक्र होते ही अक्सर लोगों को लगता है कि केवल तला-भुना खाना ही लिवर का दुश्मन है, हालांकि डॉक्टर बताते हैं, इसके जोखिम बस यहीं तक सीमित नहीं हैं।
- हमारी कई और भी आदतें सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती हैं, जिनपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
खान-पान की गड़बड़ी सबसे बड़ा कारण
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि शरीर में अतिरिक्त कैलोरी खासकर चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से मिलने वाली कैलोरी लिवर में जमा होने लगती है। यही जमा हुआ फैट आगे चलकर फैटी लिवर रोग का कारण बनता है।
- फास्ट फूड, चिप्स, बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और डीप फ्राइड खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट और अतिरिक्त कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक होती है।
- जब शरीर जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिलती है तो अतिरिक्त ऊर्जा लिवर में फैट के रूप में जमा होने लगती है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ा देता है।
कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक खतरनाक
कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक्स जैसी चीनी से भरपूर चीजें फैटी लिवर के सबसे बड़े कारणों में से मानी जाती हैं।
- इनमें फ्रुक्टोज की अधिकता होती है जिसका लिवर पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
- अध्ययनों के अनुसार फ्रुक्टोज का मेटाबॉलिज्म मुख्य रूप से लिवर में होता है। जब इसकी मात्रा बहुत अधिक हो जाती है तो लिवर अतिरिक्त फ्रुक्टोज को फैट में बदलने लगता है
- इससे लिवर में ट्राइग्लिसराइड्स का जमाव बढ़ता है और फैटी लिवर हो सकता है।
मोटापे का शिकार तो नहीं हैं आप?
मोटापा भी फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।
- पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती है। इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति में शरीर ग्लूकोज को प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता और फैट का जमाव बढ़ने लगता है।
- मोटापे से ग्रस्त लोगों में फैटी लिवर की संभावना सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में कई गुना अधिक होती है।
- डॉक्टर कहते हैं, शरीर के कुल वजन का केवल 7-10 प्रतिशत कम करना भी लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद कर सकता है।