प्रसिद्ध यूनानी दार्शनिक अरस्तू ने कहा था, "मनुष्य स्वभाव से एक सामाजिक प्राणी है, जिसका अर्थ है कि वह सामाजिक और भावनात्मक रूप से एक दूसरे पर निर्भर होता है। यह न सिर्फ सामाजिक दृष्टिकोण से आवश्यक है साथ ही बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है कि हम सभी आसपास के लोगों से मिलें-बात करें और अपने सुख-दुख बांटे। हालांकि अगर आप अक्सर अकेले रहते हैं या किसी कारणवश अकेलेपन का अनुभव कर रहे हैं तो इसके कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
Mental Health: क्या हो अगर आप एक महीने किसी से बात ही न करें? अकेलेपन के इन दुष्प्रभावों को जानिए
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब आपके पास अपनी भावनाओं को शेयर करने वाला कोई व्यक्ति नहीं होता है तो ये स्थिति धीरे-धीरे सेहत को प्रभावित करने लगती है। आप कम खुश महसूस करते हैं। लोगों से जुड़ाव कम होने के कारण आप मेंटली डिटॉक्स नहीं हो पाते हैं जिससे चिंता-तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का जोखिम हो सकता है।
इसके कारण आपको ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर बढ़ने से लेकर इम्यून सिस्टम में कमजोरी तक की भी दिक्कतें होने लगती हैं। आइए जानते हैं कि एक महीने तक अगर आप अकेले हो जाते हैं तो इससे किस प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं?
कमजोर हो सकती है इम्युनिटी
यदि आप लंबे समय तक अकेले रहते हैं, तो यह आपके शरीर के लिए बीमारी से लड़ना कठिन बना सकता है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि जब आप तनाव में होते हैं तो अकेलापन आपके शरीर द्वारा निर्मित कुछ हार्मोन्स को ट्रिगर करता है। इस स्थिति में आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अच्छी तरह काम नहीं कर पाती है।
स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल के अधिक होने के कारण आप अधिक बीमार होने लग जाते हैं, संक्रमण का जोखिम भी अधिक हो सकता है।
रक्तचाप की समस्या
अगर आप एक महीने भी अकेले रहते हैं तो इसके कारण होने वाले तनाव की समस्या सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाली हो सकती है। वहीं अगर यह अकेलापन 4 साल या उससे अधिक समय तक रहता है तो आपके रक्तचाप के बढ़ने और हाइपरटेंशन रोग होने की आशंका अधिक हो जाती है।
अध्ययन में यह साबित नहीं हो पाया है कि अकेलापन ही इसका प्रमुख कारण है पर वैज्ञानिकों ने पाया कि अकेलेपन के कारण उपजी स्थितियां जोखिमों को बढ़ाने वाली जरूर होती हैं।
दिमाग सही से काम नहीं कर पाता
यदि आप अकेलापन महसूस करते हैं तो समस्याओं को हल करने या उम्र के अनुसार चीजों को याद रखने की आपकी क्षमता प्रभावित होने की आशंका भी अधिक हो सकती है। आपको अल्जाइमर जैसी दिमागी बीमारी होने की अधिक आशंका हो सकती है। सिर्फ एक महीने के ही अकेलेपन की स्थिति आपके व्यवहार और परिस्थितियों से डील करने की काबिलियत को प्रभावित करने वाली हो सकती है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।